Category: सतमेझरा

भ्रष्ट लोगन के डिमांड

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद आ रामचेला हरान बाड़े ई जान के कि उनहुं के नेताजी के एगो स्विस बैंक एकाउंट बा. ऊ त आजु काल्हु भ्रष्टाचार पर बयान सुन के हरान बाड़े. बयान अइसन गिरऽता जइसे नेतवन के ईमान, इनकर गिरऽता उनकर गिरऽता....

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सब झगड़ा जर जोरू आ जमीन के हऽ

– जयंती पांडेय रामचेला बाबा लस्टमानंद से पूछले कि आजुकाल्ह आतना झगड़ा काहे बढ़ गइल बा. बाबा खखार के कहले, बड़ बूढ़ लोग कहि गइल बाड़े कि दुनिया भर के झगड़ा जर जोरू आ जमीन के ले के होला. इहवां जर माने सोना चांदौ आ रुपिया पइसा के...

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भउजी के डॉगी राजा

भउजी हो ! का बबुआ ? ई का सुनत बानी ? हमरा डॉगी राजा के भौं भौं. अउर का. ई कहिया से पोस लिहलू ? ए बबुआ, सुनले नइखीं कि देखा देखी पुन्न, देखा देखी पाप. मतलब का ? मतलब कि बड़का लोगन का घर में एगो डॉगी राजा हमेशा राखल जाला. काहे कि...

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नेता बने के आइडिया तियाग दिहले रामचेला

– जयंती पांडेय जबसे पाँच राज्यन में चुनाव भइल तबसे रामचेला बड़ा मायूस हो गइले. मुँह सुथनी अस बना लिहले आ चेहरा ओल अस लटका लिहले. बाबा लस्टमानंद के बड़ा माया लागल. लगे जा के पूछले का, हो रामचेला ! बड़ा उदास लागत बाड़ऽ ? ऊ...

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इहवां गड़हा आ भ्रष्टाचार के कमी नइखे

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अपना मड़ई में शांति से बइठल रहले कि रामचेला आ धमकले. उनुका के देखते बाबा कहले, “हो ई दुपहरिया में केने चलल बाड़ऽ?” रामचेला कहले, “महँगू के धियवा के बिआह बा, चलऽ चार गो गाड़ी...

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