Category: सतमेझरा

चार गो भतार ले के लड़े 'सतभतरी'

– अशोक मिश्र काल्हु भिनुसहरे मुसद्दीलाल गली में खुलल पंसारी के दुकान का सोझा भेंटा गइलन. जाड़ो में ऊ पसीना-पसीना होखत रहले, उनुकर हालत देखि के हमरा ताज्जुब भइल. हम पूछनी, ‘अमां मियां! कवनो मैराथन दौड़ में शामिल हो के...

Read More

लस्टमानंद के चुनावी रणनीति

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अबकी चुनाव में खड़ा होखे के फैसला कऽ लेहले बाड़े आ ओकरा खातिर रणनीति बनावे में जुटल बाड़े. अब उनका खेलाफ बड़का दल के बड़ बड़ नेता खड़ा बा लोग आ ओकरा पर से अण्णा बाबा के चर लोग चारू इयोर घूम...

Read More

करोड़पति बनावेले मनरेगा

– अशोक मिश्र भोरे हम अखबार पढ़े में डूबल रहली तबहिये सुपुत्र चिंटू सवाल दगलसि, ‘पापा! अच्छा ई बताईं कि लोग करोड़पति कइसे बन जाला ? चुनाव जीते से पहिले ले कुछ हजार भा लाख रुपिया के औकात राखे वाला विधायक, सांसद, मंत्री अइसन...

Read More

लोकपाल के नाना प्रोडक्ट

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद एगो अखबार में छपवावे खातिर लोकपाल पर एगो लेख लिखले. लेख का रहे एकदम से तमाशा रहे. ऊ लिखले कि लोकपाल एगो अइसन फल हऽ जे ईमानदारन के मीठ आ बेईमानन के खट लागेला. जनता के खट मीठ दूनो. सरकारी अफसरन...

Read More

चाय के महातम

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद कहले रामचेला से कि गाय आ चाय में का फरक बा. फरक तऽ ना बुझाइल बाकी बुड़बक अस मुंह बा के लगले तिकवे एने ओने. फेर सांस ले के कहले कि हमरा तऽ मालूम नइखे लेकि बतकुच्चन वाला बाबू ओम परकास जी से पूछ...

Read More

Recent Posts