Category: सतमेझरा

नकली ट्रॉफी…अब रउरा एकर मजा किरकिरा मत करीं

– अशोक मिश्र पता ना केकर शेर ह कि ‘बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का, चीरा तो कतरा-ए-खूं भी ना निकला.’ पिछला कई महीनन से वर्ल्ड कप भारत जीती, शाबाश धोनी के धुरंधर, देश के आन-बान-शान… अउर पता ना का-का. तू ही बाड़ऽ,...

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भउजी हो !

भउजी हो ! का बबुआ ? सुनलू ह? हँ. तब ? तब का ? अतना बखेड़ा नकली कप खातिर भइल ? ना. जवने कप मिलल उहे असली ह. कइसे ? लड़िकी कवनो देखावल गइल होखो. जेकरा माँग में सेनूर डलनी आ विदा करवनी उहे असली हो गइल. मान लिहनी...

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काला धन आ नेताजी के बयान

– जयंती पांडेय लस्टमानंद के साथी नेताजी आजुकाल विपक्ष में बाड़ें आ उहवें एटमासफियर बनावे में लागल रहेले. ऊ जब कई दिन ले काला धन पर कुछ ना बोलले त लस्टमानंद के चिंता हो गइल कि कहीं सत्ता पक्ष में त ना डगरि गइलें. काहे कि...

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मजबूर प्रधानमंत्री, धन्य भाग हमनी के

– जयंती पांडेय रामचेला प्रधानमंत्री के इन्टरव्यू सुनि के एकदम से सेंटिमेंटल हो गइले आ मुड़ि पीटत सनकाह अस बाबा लस्टमानंद के दुअरा आ गइले. बाबा सामने खाड़ा रहले. रामचेला पूछले – बाबा ई का सुनऽतानी कि प्रधानमंत्री जी...

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भउजी हो !

भउजी हो ! का बबुआ ? हैप्पी वैलेंटाइन डे ! शेम टू यू बबुआ. अरे भउजी तू सेम का बदला शेम काहे कहताड़ू ? काहे ना कहीं ? याद बा पिछला बेर कब आइल रहीं. वसन्त पंचमीओ का दिने भउजी याद ना अइली बाकिर वैलेंटाइन दिने आ गइली. जमाना बदलत बा...

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