सावधान, कुकुरन में आदमी के गुण आवऽता
– जयंती पांडेय लस्टमानंद से उनकर एगो संहतिया गोपाल जी भेंटइले. लगले कहे, भाई हो, पहिले घर के दरवाजा पर लिखल रहत रहे ‘अतिथि देवो भव:’ लेकिन आज काल्हु घर के गेट पर लिखल रहऽता ‘ कुत्तों से सावधान.’ गोपाल जी ठीके कहले. जान...
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