गरदन इज्जत पर दिये फिरो तब मजा यहाँ जीने का है
अपना पूर्वांचल स्वाभिमान यात्रा के दुसरका चरण के दूसरा दिने सागरपाली से चलल अमर सिंह कहलें कि सम्मान से जिये खातिर अगर मरहू के पड़े त ओह मौत के हँसी खुशी अपना लेबे के चाहीं. पूर्वांचल बहुते दिन ले अपना मिहनत से दोसरा के पूंजी...
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