जेएनयू के भारतीय भाषा केन्द्र में भइल परिचर्चा आ काव्यपाठ
“‘पाती’ पत्रिका भोजपुरी रचनाशीलता के आंदोलन के क्रांति-पताका हऽ. ‘पाती’ माने, नयकी पीढ़ी के नाँवे सांस्कृतिक चिट्ठी. एगो चुपचाप चले वाला सांस्कृतिक आंदोलन हवे ‘पाती’, जवना के अशोक द्विवेदी अपना संसाधन से चुपचाप चला रहल...
Read More

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..