टैग: भोजपुरी

गरीबी

– संतोष कुमार पटेल जे सोना के चम्मच लेहले जनमल ऊ का जानि गरीबी का हऽ? काथी हऽ लाचारी, बेकारी का हऽ, काथी हऽ बेमारी? जेकर जनम एयर कंडीसन में भईल ऊ का जानी पूस के रात का हऽ, टटाइल भात का हऽ, का हऽ रोटी झूराइल, का हऽ भूख से...

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आजु पहिली तारीख हऽ

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” रातिभर दुनु परानी सुति ना पउवींजा. करवट बदलत अउर एन्ने-ओन्ने के बाति करत कब बिहान हो गउए, पते ना चलुवे. सबेरे उठते मलिकाइन चाय बना के ले अउवी अउर कहुवी की जल्दी से तइयार होके आफिस चलि जाईं....

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‘दिल्ली’ नीयन रउओ बढ़ाईं ‘भोजपुरी’ के शान

– आशुतोष कुमार सिंह भोजपुरिया लोग धान के बिया जइसन होखेलन, जब ले उनका के एगो खेत से दोसर खेत में ना रोपल जाई, उनकर उपजाउपन ना बढ़ी (ई बात दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ावे वाला प्रमोद कुमार जी एगो मुलाकात के दौरान कहले...

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चलीं चलल जाव भोजपुरी सीखे

– आशुतोष कुमार सिंह भोजपुरी बोले वालन के एह देश आ दुनिया में कमी नइखे, बाकिर भोजपुरी लिखे वालन के बहुते कमी बा. जब ले कवनो भासा के बोले के संगे-संगे लिखल ना जाई ओकर विस्तार ना होखेला. अउर शायद इहे कारण बा कि आज भोजपुरी के...

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एगो प्रेम प्रलाप

– डॉ. कमल किशोर सिंह तनि सुनी एगो बात, नाहीं झूठ, कहीं सांच. रउआ बिना आपन जिनिगी पहाड़ लागेला. काटे धावे घर, नीक लागे ना बाहर, जगवा में सब कुछ बेकार लागेला. रतिया के बतिया सुनाई का संघतिया, दिनवो में हमरा अन्हार लागेला....

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