टैग: भोजपुरी

भोजपुरी आजु ले जिन्दा बिया अउरी आगहूं जियत रही

– अभय कृष्ण त्रिपाठी “विष्णु” श्रद्धालु कभी परेशान ना होले, परेशानी उनकर बा जे यात्रा अउरी तीर्थयात्रा दुनो के लाभ लेबे चाहत बा. ठीक इहे जुमला आज भोजपुरियो खातिर कहा सकत बा कि जेकरा भोजपुरी में जिए मरे के बा...

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सगरी खबर भोजपुरी में (मंगल 14 जुलाई 2015)

भोजपुरी का संगे हिन्दी वालन के धोखा कइल अबहियों जारी बा आ एकरा के एकर मान्यता देबे के सवाल पर विचार करे वाली कमिटी के रपट में कहल गइल बा कि भोजपुरी 8वीं अनुसूची में शामिल होखे के योग्यता नइखे राखत. अबहीं एह रपट पर सरकार के कवनो...

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फूहड़ता लेके खाली भोजपुरी के बदनामी काहे.. भाग २

– अभय कृष्ण त्रिपाठी “विष्णु” जमाना लाख बुरा चाहे त का होला, उहे होला जे मंजूरे खुदा होला. निकलल बानी सर कफ़न बांध के याद रखीह, मिट जाई हर रावन बस लक्ष के धियान धरीह, बा सेवा के इरादा त बोली के दरकिनार करीह,...

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फूहड़ता लेके खाली भोजपुरी के चर्चा काहे…

<h3>- अभय कृष्ण त्रिपाठी “विष्णु”</h3> कबो ई सवाल हमरा मन में बारी-बारी घुमे बाकि काल पुरान मित्र डॉक्टर ओमप्रकाश जी के सन्देश से फिर से ताजा हो गइल. सवाल जेतना आसान बा जवाब ओतना आसान नइखे काहे से कारन...

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कबहुँ न नाथ नींद भरि सोयो

– कमलाकर त्रिपाठी बाँके बिहारी घर से दुई-तीन कोस चलल होइहँ कि ओनकर माई चिल्लइलिन, ”रोका हो गड़िवान, दुलहिन क साँस उल्टा होय गइल.“ बाँके लपक के लढ़िया के धूरा पर गोड़ राखि के ओहार हटाय के तकलन – ”का भइल रे?“ ”होई का ए...

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