टैग: भोजपुरी

एकजुटता के कमी

– प्रिंस रितुराज दुबे सबसे बड़हन सवाल ई बा कि कतना लोग आपन माईभासा (भोजपुरी) ला एकजुट बा. कतना लोग के आपन अस्तित्व से मतलब बा, चाहे कतना लोग ई कह के निकल जाला कि एकरा फेरा में पड़ के कउनो खाए के मिले वाला बा. अगर इहे बात...

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लीनक्स आ विंडोज का बहाने भोजपुरी के चरचा (बतकुच्चन – 190)

कंप्यूटर के दुनिया में दू तरह के साफ्टवेयर होला. एगो त प्रोप्राइटरी, जवना के मलिकान कुछ खास लोग का लगे होला आ उहे लोग तय कर सकेला कि एहमें का रही, कइसे रही, का करी वगैरह. दोसरका होला ओपन सोर्स, जवना के मलिकान केहू का लगे ना...

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जब घूर के दिन फिरेला

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद से रामचेला पूछले, ‘बाबा हो, ई घूरो के दिन कइसे फिरेला?’ बाबा कहले, ‘जे तहरा एकर उत्पत्ति आ टीपण जाने के होखो त भोजपुरिका में बतकुच्चन करे वाला डाक्टर साहेब से सवाच ल. हम त...

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सारा जग जीत गइली मीत रे, घरवे में हार हो गइल.

– प्रिंस रितुराज दुबे ईहां कवनो एल्बम के गाना नइखे लिखल जात, ई एगो साच कथन मनोज तिवारी जी के एल्बम से लिहल गइल बा. भोजपुरी, जवन पूरा दुनिया में अपना मौजूदगी के ताल ठोकत बा, ओही भोजपुरी के जनमे स्थान में हार हो गइल बा. जहाँ...

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भोजपुरी खातिर एगो बड़हन आन्दोलन चलवला के जरूरत : सदानन्द शाही

विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया इकाई अउर पाती सांस्कृतिक मंच के एगो बड़हन आयोजन पिछला अतवारा का दिने बलिया के टाउन हाल बापू भवन में भइल. एह आयोजन के पहिला सत्र में पाती संपादक डा॰ अशोक द्विवेदी, प्रो॰ अवधेश प्रधान आ प्रो॰ सदानन्द...

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