भगवान के चटकन
– डॉ॰ उमेशजी ओझा अरे ए रबिन्दरा, आपन दिमाग ठीक राख, जमीन प रहेके सीख, हवा में मत उड़. सब कोर्इ के इजत होला. जोऽ, आ लईकी देख आउ आ बढिया से आपन बेटा सुरेश के बिआह क दे. ढेरी लईकी देखि के छोड़ छाड़ मत कर, भगवान सब देखत बानी....
Read More– डॉ॰ उमेशजी ओझा अरे ए रबिन्दरा, आपन दिमाग ठीक राख, जमीन प रहेके सीख, हवा में मत उड़. सब कोर्इ के इजत होला. जोऽ, आ लईकी देख आउ आ बढिया से आपन बेटा सुरेश के बिआह क दे. ढेरी लईकी देखि के छोड़ छाड़ मत कर, भगवान सब देखत बानी....
Read More– जयंती पांडेय गरमी के पसीना से तर-बर भइल रामचेला हाफत-डाफत गुरू लस्टमानंद का लगे पहुँचले. सस्टांग दंडवत कइके आशीर्वाद लेहला के बाद रामचेला कहलन, गुरू आजकाल गउवों में बदलाव के बयार बड़ा तेजी से बहऽता. लस्टमानंद पूछलन,...
Read Moreयह एक बार फिर तय हो गया है कि खलनायक संजय पांडे जिस भी फिल्म में होते हैं वह फिल्म कामयाबी का झंडा जरुर गाड़ती है. संजय पांडे अभिनीत फिल्म ‘पटना टू पाकिस्तान’ इस साल की उनकी सबसे बड़ी कामयाब फिल्म मानी जा रही है जबकि...
Read More“‘पाती’ पत्रिका भोजपुरी रचनाशीलता के आंदोलन के क्रांति-पताका हऽ. ‘पाती’ माने, नयकी पीढ़ी के नाँवे सांस्कृतिक चिट्ठी. एगो चुपचाप चले वाला सांस्कृतिक आंदोलन हवे ‘पाती’, जवना के अशोक द्विवेदी अपना संसाधन से चुपचाप चला रहल...
Read More– डा॰ प्रकाश उदय भाषा-विज्ञान में जवना के भाषा कहल जाला, तवना में, जवन कहे के होला, जतना आ जइसे, तवन कहा पाइत ततना आ तइसे, त केहू के ‘आने कि’, ‘माने कि’, ‘बूझि जा जे’ भा ‘जानि जाईं...
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