टैग: भोजपुरी

गोल बनाईं…असली मुद्दन से भटकाईं जिन

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” आजकल लोग पर एगो नया भूत सवार हो गइल बा. जे जहें बा उ उहें बिना सही-गलत के बिचार कइले गोलियावल सुरु क देता, अउर एतने ना, लोग गोलियाइलो सुरु हो जाता. कबो-कबो त लोग बिना बात के बात में बात...

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भोजपुरी लोक उत्सव २०१२ , वाराणसी

क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र वाराणसी आ भोजपुरी अध्ययन केन्द्र बीएचयू के साझा आयोजन “भोजपुरी लोक उत्सव २०१२” में ३० अक्टूबर के दुनिया में बोलियन आ लोकभाषन के होत अनादर आ हत्या पर चिंता जतावल गइल. नाट्य शास्त्र...

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भोजपुरी गीत के भाव भंगिमा

– डा॰अशोक द्विवेदी कविता का बारे में साहित्य शास्त्र के आचार्य लोगन के कहनाम बा कि कविता शब्द-अर्थ के आपुसी तनाव, संगति आ सुघराई से भरल अभिव्यक्ति ह. कवि अपना संवेदना आ अनुभव के अपना कल्पना शक्ति से भाषा का जरिए कविता के...

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हम एगेन गॉट दि लेटेस्ट अंक आफ भोजपुरी पंचायत

आ बिना हेजिटेशन आई कैन सिंसियरली से कि इस टाइप के प्रयास वेयर नीडेड फ्राम लांग लांग टाइम. अनफार्चुनेटली दि भोजपुरिया पीपुल अंडरस्टैंडे नहीं करते कि डेवलपमेंट आफ भोजपुरी उनके बियांड अप्रोच है. भोजपुरी का डेवलपमेंट चाहिएं त उसपर...

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सब कुछ त गिरहथ खातिर होता

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद सरकार के बयान से रिग के कहले, आजकल सब काम गिरहथे खातिर हो रहल बा. अब देखऽ ना रामचेला सरकारी कर्मचारी लोग के महंगाई भत्ता बढ़ल लेकिन ई सब गिरहथे के खातिर हो रहल बा. अब सेना में एक रैंक एक पेंशन...

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