दू गो गजल
– रामरक्षा मिश्र विमल 1 शहर में घीव के दीया जराता रोज कुछ दिन से सपन के धान आ गेहूँ बोआता जोग कुछ दिन से जहाँ सूई ढुकल ना खूब हुमचल लोग बरिसन ले ढुकावल जात बाटे फार ओहिजा रोज कुछ दिन से छिहत्तर बेर जुठियवलसि बकरिया पोखरा...
Read More– जयंती पांडेय जबसे बाबा अण्णा हजारे अनशन के जिद पर खड़ा हो गइले आ देस के लाखन लोग मोमबत्ती ले के एने ओने जमा होखे लागल तबसे दू गो चीज के दिन बहुर गइल. एगो गाँधी टोपी के आ दोसरे मोमबत्ती के. एकरा साथ भ्रष्टाचार आ बेईमानी पर...
Read More– जयंती पांडेय अखबारन में पढ़ि के आ फोटो देखि के रामचेला पुछले बाबा लस्टमानंद से कि, का हो बाबा ई जे सुनाऽता “स्लट वाक” से का हऽ ? कामिल बाबा के डिक्शनरी में त लिखल बा स्लट माने फूहरि मेहरारू, कुलटा, कुतिया आ...
Read More– जयंती पांडेय अखबारन में पढ़ि के आ फोटो देखि के रामचेला पुछले बाबा लस्टमानंद से कि, का हो बाबा ई जे सुनाऽता “स्लट वाक” से का हऽ ? कामिल बाबा के डिक्शनरी में त लिखल बा स्लट माने फूहरि मेहरारू, कुलटा, कुतिया आ...
Read Moreपूर्वांचल एकता मंच के तत्वाधान में देश के बहुते भोजपुरी संस्थावन का सहयोग से २ सितम्बर २०११ शुक के साँझ चार बजे से दिल्ली के कंसटीटुसनल क्लब, रफ़ी मार्ग, पर एगो राष्ट्रीय बहस के आयोजन होखे जा रहल बा. एह संगोष्ठी में देश के...
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