टैग: भोजपुरी

अपना देश में घटना के बाद के रस्म

– जयंती पांडेय असल में हमनी के देश, माने हमार भारत महान, एगो दुर्घटना प्रधान आ विस्फोट प्रधान देश ह. इहां कवनो महीना बांव ना जाला जब कवनो घटना चाहे दुर्घटना चाहे विस्फोट ना होखत होखे. एगो घटना अबहीं होखबे करेला कि दोसरको...

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एतना उतार चढ़ाव में सांच कहाँ ?

– जयंती पांडेय बात चलल लस्टमानंद से कि साँच का होला. बाबा कहले साँच त हमरा के लइकाईं से हरान कइले बा. लईकाईं में पढ़नी कि बुद्ध आ महाबीर साँच के खोज में घर बार त्याग दिहले. बाकी ए घरी त साँच के खोजे खातिर दुनिया भर के जाँच...

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बड़ा पुरान ह ई ट्रांसफर के धंधा

– जयंती पांडेय यूपी में अफसरन के लगातार बदली माने ट्रांसफर के खबर से उबियाइल रामचेला लगले कहे बाबा लस्टमानंद से कि, हो बाबा ! ई ट्रांसफरन के खबर सुनि के मन आजिज आ गइल बा. जइसही केहू से जान पहिचान भइल कि ओकर बदली हो जा ता....

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आखिर कइसे लड़ल जाई भ्रष्टाचार से ?

– जयंती पांडेय बाबा रामदेव आ अण्णा हजारे का देखादेखी नाँव कमाये के गरज से बाबा लस्टमानंदो एगो दल बनवले “विलेज दल”, आ शुरू कइले मीटिंग. कई गाँव के लोग एकट्ठा भइल. लमहर लमहर भाषण भइल, लोग के चेहरा भ्रष्टाचार का...

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मारीशस आ भोजपुरी

भोजपुरी दुनिया में एगो फैशन बा कहे कि सात समु्न्दर पार गइल गिरमिटीहा मजदूरन के परिवार से बसल मारीशस मे आजुले भोजपुरी भाषा, संस्कार, आ संस्कृति जिन्दा बा. ई बाति कहि के हमनी का अपना आप के तसल्ली दिहिला कि चलऽ कहीं ना कहीं भोजपुरी...

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