Tag: भोजपुरी

काला धन करिये काहे कहाला

– जयंती पांडेय रामचेला बाबा लस्टमानंद से सवचले कि, हो बाबा, ई कालाधन के करिये काहे कहल जाला गोर चाहे गेहूँआ काहे ना कहल जाला ? हम त कव हाली अपना बगली के नोट बड़ा धेयान से देखनीं कि एहमें से कवनो करिया बा का ? लेकिन कवनो...

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भोजपुरी के मान्यता खातिर दिल्ली में धरना प्रदर्शन

देर से मिलल खबर बाकिर खबर मजगर बा. दिल्ली में पिछला चार अगस्त का दिने सौ गो से बेसी भोजपुरी संगठन भा संस्था के कार्यकर्ता जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कइले जवना में भोजपुरी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे के माँग कइल...

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अपना देश में घटना के बाद के रस्म

– जयंती पांडेय असल में हमनी के देश, माने हमार भारत महान, एगो दुर्घटना प्रधान आ विस्फोट प्रधान देश ह. इहां कवनो महीना बांव ना जाला जब कवनो घटना चाहे दुर्घटना चाहे विस्फोट ना होखत होखे. एगो घटना अबहीं होखबे करेला कि दोसरको...

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एतना उतार चढ़ाव में सांच कहाँ ?

– जयंती पांडेय बात चलल लस्टमानंद से कि साँच का होला. बाबा कहले साँच त हमरा के लइकाईं से हरान कइले बा. लईकाईं में पढ़नी कि बुद्ध आ महाबीर साँच के खोज में घर बार त्याग दिहले. बाकी ए घरी त साँच के खोजे खातिर दुनिया भर के जाँच...

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बड़ा पुरान ह ई ट्रांसफर के धंधा

– जयंती पांडेय यूपी में अफसरन के लगातार बदली माने ट्रांसफर के खबर से उबियाइल रामचेला लगले कहे बाबा लस्टमानंद से कि, हो बाबा ! ई ट्रांसफरन के खबर सुनि के मन आजिज आ गइल बा. जइसही केहू से जान पहिचान भइल कि ओकर बदली हो जा ता....

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