Tag: भोजपुरी

आखिर कइसे लड़ल जाई भ्रष्टाचार से ?

– जयंती पांडेय बाबा रामदेव आ अण्णा हजारे का देखादेखी नाँव कमाये के गरज से बाबा लस्टमानंदो एगो दल बनवले “विलेज दल”, आ शुरू कइले मीटिंग. कई गाँव के लोग एकट्ठा भइल. लमहर लमहर भाषण भइल, लोग के चेहरा भ्रष्टाचार का...

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मारीशस आ भोजपुरी

भोजपुरी दुनिया में एगो फैशन बा कहे कि सात समु्न्दर पार गइल गिरमिटीहा मजदूरन के परिवार से बसल मारीशस मे आजुले भोजपुरी भाषा, संस्कार, आ संस्कृति जिन्दा बा. ई बाति कहि के हमनी का अपना आप के तसल्ली दिहिला कि चलऽ कहीं ना कहीं भोजपुरी...

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लोक कवि अब गाते नहीं – ११

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) दसवीं कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं सम्मान मिलला बाद अपना गाँवे चहुँपल लोक कवि के एगो पंडित के कहल नचनिया पदनिया के बात कतना खराब लागल रहे. बाकिर चेयरमैन साहब का...

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पहिर ल त शान बढ़ी आ चल गइल त मान घटी

– जयंती पांडेय रामचेला पूछले बाबा लस्टमानंद से कि ई जूता बड़ा अजीब चीज ह. बाबा कहले, हँ एकर लमहर इतिहास बा, अब देखऽ ना कुछ साल पहिले बगदाद में एगो पत्रकार महोदय जार्ज बुश पर जूता तान दिहले. बुश भअई ओह घरी अमरीका के...

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बे जनले नचला पर गोड़ टूटेला

– जयंती पांडेय रामचेला बड़ा उदास रहले. बाबा लस्टमानंद पूछले कि का हो मुँह काहे लटकवले बाड़ऽ ? रामचेला कहले, ई मीडिया वाला भाई लोग केहू तरह जीये ना दी. अब देखऽ ना, ओह दिन राजघाट पर अनशन पर बइठल भाजपाई भाई लोग के उदासी मेटावे...

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