आसमान से आग आ जमीन पर पानी के दुतरफा मार से बलिया के किसान हकलान

बरखा ना होखला का चलते बलिया में सूखा आ नदियन में पानी बढ़ला से जमीन पर बाढ़ झेलत बलिया के द्वाबा इलाका के किसानन हकलान हो के रह गइल बाड़े, खरीफ के फसल या त सूखा से ना त बाढ़ में डूब के बरबाद हो गइल बा. सिताबदियारा के लोग के लागत बा कि अबकी कके बाढ़ तीस साल पहिले आइल भयंकर बाढ़ो से अधिका बरबादी ले के आई. बलिया शहरो का निचला इलाका में पानी भर गइल बा आ हर घंटा पसरल जात बा नया नया इलाका में. गंगा फेर बढ़े पर आ गइल बाड़ी आ अब दस साल पुरान बाढ़ के रिकार्ड तूड़े पर आमादा लउकत बाड़ी.

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