साल: 2011

ई जग ह भ्रष्टाचारी !

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद लमहर सांस घींच के कहले, हो राम चेला ई कुटिल, कपटी जुग में अबहियों कातना लोग भेंटाता ई कहे वाला कि “हम आजु ले कवनों भ्रष्टाचार नइखी कइले. नाजायज पइसा के हाथ से छुअल का हम त ओकरा इयोर तकबो...

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बतकुच्चन – ९

मैंने कहा. हमने कहा. तुमने कहा, उसने कहा, राम ने कहा. अरे भाई का कहा आ काहे कहा ? आ आजु आप हिन्दी काहे छाँटे लगनी ? सवाल जायज बा. हमरा ई सब कहला का पाछा के मकसद बा भोजपुरी के खास सुभाव का बारे में बतावे के. अगर इहे सब भोजपुरी...

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