मनुज बली नहीं होत है
– टीम अंजोरिया
#महात्मा-गाँधी #समय #बलवान# भोजपुरी

कुछ देर पहिले प्रोफेसर जयकान्त जी के भेजल लेख सत्य-अहिंसा के पुजारी : महात्मा गांधी देखनी त सोचे लगनी कि अरे काल्हुए नू शहीद दिवस रहुवे जहिया दिल्ली में गोड्से के गोली से मोहनदास करमचन्द गाँधी के वध हो गइल रहल. आ आचरज एह बात के कि लगातार सोशल मीडिया, अखबार देखला का बावजूद शहीद दिवस के कवनो चरचा सुने के ना मिलल. फेर सोचनी कि हो सकेला कि हमरे से अनदेख रह गइल होखे. से गूगल बाबा से जानल चहनी कि शहीद दिवस से जुड़ल कवनो टटका-खबर बा का? गूगल बाबा जवन देखवले तवना के बानगी रउरो नीचे देख सकीलें –
कवनो सरकारी कार्यक्रम, कवनो राजनीतिक दल के कार्यक्रम एह दिने होखे के खबर नइखे. हँ कुछ मीडिया अपना परम्परागत आदत का चलते शहीद दिवस पर कुछ ना कुछ पोस्ट जरुरे अंजोर क दिहलें. पक्का ना बता सकीं बाकिर शायद प्रोफेसरो साहब के धेयान में ई बात ना रहल ना त उहों के लिख सकत रहीं कि ‘शहीद दिवस पर’. आ तब सोचे लगनी कि ‘मनुज बली नहीं होत है, समय होत बलवान!’. Time is more powerful than any person.
बचपन से अबहीं ले शहीद दिवस पर तरह तरह के कार्यक्रम होखत हमनिका देखत आइल बानी सॅ. स्कूल कॉलेज का दिना में एह दिन दू मिनट के मौन व्रत क लिहल जात रहल. आ अब देखीं कि केहू का लगे उहो दू मिनट नइखे.
फेर मन में आइल कि पीएम मोदी का लगे त पूरा टीम रहेला. उनुकरा एक्स अकाउंट पर जरुर कवनो ना कवनो एक्सप्रेशन होखी. मिल गइल –
Attended a prayer meeting at Gandhi Smriti.
Bapu’s life gives hope to millions. His efforts reshaped the course of our freedom movement and left a strong mark on India’s journey that continues to be felt across generations. pic.twitter.com/uVJhwOQsv0
— Narendra Modi (@narendramodi) January 30, 2026
बाकिर आम जनता में कवनो चरचा गतिविधि एह दिन से जुड़ल ना लउकल. हो सकेला कि कांग्रेसो का तरफ से कुछ एक्सप्रेशन आइल होखो. बाकिर ई सब कुछ औपचारिकता भर रह गइल बा. आ साँच इहे बा कि – ‘मनुज बली नहीं होत है, समय होत बलवान!’

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