दिल्ली मे पीएचन के प्रदर्शन – बतंगड़ 114

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बहुते हल्ला रहल कि छह जून के दिल्ली दहल जाई, मोदी सरकार दहाइल शुरु कर दी। कारण कि देश-दुनिया भर के पीएचन के प्रदर्शन दिल्ली में करे ला देश के नौजवानन के गोहार लगावल गइल रहुवे। अब रउरा सभे में से बहुते लोग का मन में सवाल होखी कि हम पीएचन के बात काहे कहले बानी जबकि रैली काक्रोचन के रहल। त हमरा सुने में आइल रहल कि काक्रोचन के शिकायत बा कि लोग ओहनी के तिलचट्टा काहे कहात-लिखात बा? हमरो लागल कि बात त कुछ हद ले जायज बा। त काक्रोचन के बात अगर भोजपुरी में करे के होखे त तिलचट्टा का बदले कुछ ना कुछ अउर शब्द खोजे के पड़ी। हर केहू त चीफ जस्टिस आफ इण्डिया हो ना सके कि अँउजाहट में उनुका मुँह से निकलल एगो शब्द देश भर के तिलचट्टन के अतना छटपटा दी कि सगरी अपना अन्हार कोठरी से बाहर निकल अइहें। एकरा बाद त शुरु हो गइल अपना के काक्रोच कहे के कि – हमहूं काक्रोच! जबकि शायदे केहू ओहनी के तिलचट्टा से अलगा सोचत होखी।
अब चूंकि हम खबर देबे त आइल नइखीं एहसे मूल मुद्दे पर लवटल जाव। सोचे लगनी कि काक्रोचन ला दोसर कवन शब्द सटीक रही? जवना के मतलबो सही बइठे आ चरित्रो। उच्चारण करत में कॉक आ रोच मिल के काक्रोच बनत लउकेला। अब कॉक आ रोच के मतलब त रउऱा कवनो अंगरेजी शब्दकोश से देख सकीलें। आ ओह आधार पर जवन दोसर शब्द बनेला ऊ हवे -जघनरोम। हिन्दी में त ओकर आपन कवनो शब्द एह ला बावे ना, से आम बोलचाल वाली भाषा के एगो शब्द उठा लिहलसि। बाकिर अगर ओह शब्द के उल्लेख एहिजा कर दीं त दोसर लोग त बाद में सबले पहिले भोजपुरिए भाई लोग लट्ठ ले के चहेटे लागी। से ओहू ले उपर चढ़नी आ संस्कृत से एगो शब्द ले लिहनी – जघनरोम। अंगरेजी में जवना के प्यूबिक हेयर (पी एच) कहल जाला तवना के संस्कृत में जघनरोम कहल जाला। पूरा विश्वास बा कि प्यूबिक हेयर भा जघनरोम के इस्तेमाल से लोगन के छनछनाई ना। एह ला भोजपुरी में का कहल जाला से त रउरा सभे के मालूम होखी। शरीर में सबले बरियार चीझ इहे होला जवना के उखाड़े भा कबाड़े के चुनौती अक्सर सुने के मिल जाला। आ हमहूं सब कह देब ऊ ना कहब जवन रउरा मुँह में आ गइल बा।
त एह पीएचन के भरम रहुवे कि सोशल मीडिया पर करोड़ों पिछलग्गू खोज लिहला का बाद ऊ अतना लोकप्रिय आ ताकतवर हो गइल बाड़न कि लाख ना त कुछ हजार लोग जुटिये जाई। ठीक वइसहीं जइसे हमहनो के भरम रहेला कि जवना भाषा के बोलेवाला पैंतीस करोड़ बाड़ें त ओही भाषा के दुनिया में पहिल वेबसाइट होखला का चलते अंजोरिया डॉटकॉम पर लोगन के भीड़ जुटे लागी। बाकिर ना त एहिजा भीड़ जुटेला ना ओहिजा दिल्ली में पीेएचन का रैली ला जुटल। बहुते संभव बा कि रउरा से में कुछ लोग अबहीं ले गूगलिया लिहले होखी रोच आ जघनरोम का बारे में जानेला। गूगल सचहूं बड़का ज्ञानी हवे आ अब कोढ़ में खाज का तरह एआई आ गइल बा। जवन जाने के होखे तवना के तुरते बता दी। खेर रोच के माने समुझावे ला जब एगो इमेज बनावे के कहनी चैटजीपीटी से त जवन फोटो भेजलसि तवने के इस्तेमाल एह लेख ला कइले बानी। वइसे जघनरोम के एह तरह से गूंथल कबो नइखीं सुनलें। हँ अझूराला बहुते।


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