Category: साहित्य

फाग गीत

– रामरक्षा मिश्र विमल लागेला रस में बोथाइल परनवा ढरकावे घइली पिरितिया के फाग रे. धरती लुटावेली अँजुरी से सोनवा बरिसावे अमिरित गगनवा से चनवा इठलाले पाके अँजोरिया जवानी गावेला पात-पात प्रीत के बिहाग रे. पियरी पहिरि झूमे सरसो...

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आइल होली आइल रे

– ओ.पी .अमृतांशु बरसे रंगवा हुलसे मनवा , नील गगनवा रंगाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल , आइल होली आइल रे !! मस्त फगुनवा मस्ती के दिनवा , झूमेला गेठ जोडिके सरकारवा, भइल करोडो हॉय  रे घोटाला सउँसे खजाना लूटाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल...

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चिल्लर काका

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” जाड़ा के दिन रहे. सूरूज भगवान बरीआई से उगले के कोसिस करत रहने. कोसिस ए से की उगले की बादो एइसने लागे की अब उग रहल बाने. लगभग दिन के 10 बजि गइल रहे तब्बो घाम में कवनो ना गर्मी रहे ना तेजी....

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बतकुच्चन – ६

सोचत बानी कि लोग कहत होखी कि ई अनेरे अतना बतकुच्चन कइले रहेला. जरुरे अनेरिया आदमी होखी जेकरा लगे दोसर कवनो काम नइखे. बाकिर का बताई कि अनेरिया होखल नीमन, अनेरिया होखल ना. अब रउरा पूछब कि अनेरिया आ अनेरिया में का फरक होला ? उहे...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।