Category: साहित्य

मुस्लिम तुष्टिकरण राष्ट्रहित पर भारी पड़त बा

एगो जायज सवाल उठावल जात बा कि आखिर जिन्ना के मुंबई बंगला भारत सरकार उनका के, भा बाद में उनुका वारिसन के काहे ना लवटवलसि ? का एह चलते कि भारत के बँटवारा का बाद जिन्ना भारत के घोषित दुश्मन हो गइल रहले आ उनकर संपत्ति दुश्मन के...

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ई सब रोग गरीबी के

– डॉ. कमल किशोर सिंह उत्तर टोला बर तर, बईठल चबुतर पर, धनिया ढील हेरवावत रहे, सुबुकत सब सुनावत रहे – कतना दुःख सुनाईं बहिनी ई ना कभी ओराला, आ धमकेला दोसर झट से जसहीं एगो जाला. भादो में भोला के कसहूँ गोडवा गइल छिलाय....

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बतकुच्चन – १०

आजु पता ना काहे मन अँउजाइल बा. लागत बा कि कंठ में कुछ अटकल बा अँउजार जइसन. आ कंठ का भीतर कुछ अटकल होखे त जान पर आफत बनि जाला कबो-कबो. अलगा बाति बा कि कंठ का बाहर लटकल कंठहार औरतन के सुंदरता बढ़ा देला. कंठ गवनई के सुरो के कहल...

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मचल बा हाय खलबली

– ओ.पी .अमृतांशु जीतल मंगरुआ बो मुखिया चुनाव में  मचल बा हाय खलबली, देखऽ गली -गली. छाका छोड़ाई दिहलस एमे. बीए पास के  मुखिया जी खुरुपी ले के चलीं दिहलें घास के निपट-अनाड़ी भारी उठल बीया गावँ में   मचल बा हाय खलबली, देखऽ...

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