Category: साहित्य

लोक कवि अब गाते नहीं – ११

(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) दसवीं कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं सम्मान मिलला बाद अपना गाँवे चहुँपल लोक कवि के एगो पंडित के कहल नचनिया पदनिया के बात कतना खराब लागल रहे. बाकिर चेयरमैन साहब का...

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मनोमस्तिष्क स्वस्थ राखे के तरीका

आजु हमनी सभे जानत आ मानत बानी कि देह के निरोग रखला के कवनो विकल्प नइखे. ऊ त रखही के बा. बाकिर अतने से काम नइखे चले वाला हमनी का देखले बानी जा कि उपर से पूरा तरह से निरोग लउके वाला लोग, जे नियमित व्यायाम करत रहे, सही भोजन सही समय...

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हो रहल बा भारत निरमान

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” हो रहल बा भारत निरमान, गा रहल बा सब केहू गुनगान, 100 में हो गइने 99 बेइमान, तब्बो आपन देस बहुत महान. हो रहल बा भारत निरमान. महँगाई के राज हो गइल बा, अधिकन के त भागि खुलि गइल बा, सूना हो गइल...

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भोजपुरी के सेवा में

भोजपुरी जिनिगी अपना चउथका साल में नाम बदल लिहले बा. अब एकर नाम हो गइल बा “भोजपुरी जिंदगी. नयका अंक में पत्रिका के संपादक उहे बाति लिखले बाड़न जवन आजु का दिन हर भोजपुरी मीडिया के पीड़ा बा. संपादके का सब्दन में पढ़ीं त,...

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भइल बा उखमवा

– ओ.पी. अमृतांशु टपऽ- टपऽ चुअता पसेनवा हायॅ राम भइल बा उखमवा ! चैन बा दलानी नाहीं बाग-फुलवारी, लेई लुकवारी धावे पछुआ बेयारि, उसिनाई गइल बा परानवा हायॅ राम भइल बा उखमवा ! पोखरा – ईनरवा के होठवा झूराई गइल,...

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