श्रेणी: साहित्य

ई सब रोग गरीबी के

– डॉ. कमल किशोर सिंह उत्तर टोला बर तर, बईठल चबुतर पर, धनिया ढील हेरवावत रहे, सुबुकत सब सुनावत रहे – कतना दुःख सुनाईं बहिनी ई ना कभी ओराला, आ धमकेला दोसर झट से जसहीं एगो जाला. भादो में भोला के कसहूँ गोडवा गइल छिलाय....

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बतकुच्चन – १०

आजु पता ना काहे मन अँउजाइल बा. लागत बा कि कंठ में कुछ अटकल बा अँउजार जइसन. आ कंठ का भीतर कुछ अटकल होखे त जान पर आफत बनि जाला कबो-कबो. अलगा बाति बा कि कंठ का बाहर लटकल कंठहार औरतन के सुंदरता बढ़ा देला. कंठ गवनई के सुरो के कहल...

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मचल बा हाय खलबली

– ओ.पी .अमृतांशु जीतल मंगरुआ बो मुखिया चुनाव में  मचल बा हाय खलबली, देखऽ गली -गली. छाका छोड़ाई दिहलस एमे. बीए पास के  मुखिया जी खुरुपी ले के चलीं दिहलें घास के निपट-अनाड़ी भारी उठल बीया गावँ में   मचल बा हाय खलबली, देखऽ...

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मिर्जा खोंच पर केंद्रित प्रवेशांक

समीक्ष्य कृति : भोजपुरी जिंदगी (त्रैमासिक पत्रिका) प्रकाशन अवधि : अक्टूबर-दिसंबर, 2010 वर्ष : 1 अंक : 1 सहयोग : 25 रुपए / सालाना : 100 रुपए प्रधान संपादक : डॉ. गोरख प्रसाद मस्ताना संपादक : संतोष कुमार प्रकाशन संपर्क : आर जेड...

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