Category: साहित्य

बतकुच्चन – ५

“करे केहू भरे केहू”. पुरान कहावत हऽ अब एकर टटका उदाहरण सामने आइल बा. घोटाला करे वालन के त पता ना का होई बाकिर आम आदमी के मोबाइल पर बतियावल जरुरे महँग होखे जा रहल बा. “खेत खइलसि गदहा, मार खइलसि जोलहा” वाला...

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बेहतर बा एगो दिया जरा लीं

बक्सर में छह फरवरी के आयोजित भोजपुरी कवि सम्मेलन के संबोधित करत बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष डा॰ रविकांत दूबे कहलें कि भोजपुरी के प्रतिष्ठा दिआवे खातिर ऊ सब कुछ करे के तइयार बाड़न आ एहमें सभकर सहयोग के आह्वान ऊ अपना कविता के...

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हम आग से बारूद सटवले बानी

– अभयकृष्ण त्रिपाठी अरसा बाद एक बार फिर कलम उठवले बानी, जानत बानी हम आग से बारूद सटवले बानी II दीप क रोशनी से अनंत के नाता बा, अन्हरन से देखे क बात हमारा ना सुहाता बा, हर केहू जान के एक दूसरा के लूट रहल बा, डाकू के मंत्री...

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"अंजोरिया" के पाठक लोगन के आमंत्रण

भोजपुरी साहित्य प्रेमी लोगन के सादर परनाम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार पिछला कई महिना से हर महीने सफलता पूर्वक “OBO लाइव मुशायरा” अउर “OBO लाइव महा इवेंट” के आयोजन कर रहल बा, एह सफलता से उत्साहित होके रउआ...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।