Category: साहित्य

सहर भइल सुरसा

– डॉ. गोरख मस्ताना सहर भइल सुरसा निगल रहल गाँव के चिमनी चबाये लागल निमिया के छाँव के नगर नगर नेहिया के दियरी टेमाइल नफ़रत के रोग गाँव गाँव में समाइल गाँवो में भईयारी बाँच गइल नाँव के सहर भइल सुरसा निगल रहल गाँव के. गँऊआ के...

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भासा भोजपुरी ला बा अर्पित उमिरिया

१६ जनवरी के सिवान के पत्रकार भवन में भोजपुरी अकादमी के प्रादेशिक भोजपुरी कवि सम्मलेन के शानदार आयोजन भइल. ” भोजपुरी में हर तरह के अभिव्यक्ति के क्षमता बा. एकर लेखक बिना कवनो सहायता आ संरक्षण के स्तरीय साहित्य के सृजन कर...

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लोक कवि अब गाते नहीं

भोजपुरी जनमानस के वेदना उभारत एगो उपन्यास अँजोरिया भोजपुरी के बढ़न्ती आ विकास खातिर हमेशा से प्रतिबद्ध रहल बिया आ एह खातिर ओकर हमेशा से कोशिश रहल बा कि भोजपुरी में प्रतिष्ठित रचना दिहल जाव. अँजोरिया के गर्व बा कि जतना प्रतिनिधि...

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आइल पतोहिया भारी रे

– ओ.पी. अमृतांशु पर घर के आसरा कइली मतारी, आइल पतोहिया भारी रे. रोएली लोरवा ढारी मतारी, रोएली लोरवा ढारी रे. नव महीना दरदिया सहली ,बबुआ के जनमवली  देवता-पितर पूजली, शीतला माई के गोद भरवली नजर-गुजर ना लागो, केतना मरीचा...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।