Category: साहित्य

फागुन के आसे

– रामरक्षा मिश्र विमल फागुन के आसे होखे लहलह बिरवाई. डर ना लागी बाबा के नवकी बकुली से अङना दमकी बबुनी के नन्हकी टिकुली से कनिया पेन्हि बिअहुती कउआ के उचराई. फागुन के आसे होखे लहलह बिरवाई. फागुन के आसे होखे लहलह बिरवाई....

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अधकपारी – जानकार औरतन खातिर एगो भुक्तभोगी के सुझाव

अधकपारी झेले वाला के एहसे बड़ डर दोसर ना होला कि ओकरा पर फेर अधकपारी के दौरा पड़े वाला बा. काहे कि एकरा साथही आवेला मन हुलियाये, उबकी, घुमरी, आ रोशनी अउर आवाज से जुड़ल कष्ट. अगर रउरा अधकपारी से परेशान बानी त ई किताब रउरा काम के बा....

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लोकतांत्रिक पत्रकारिता के आईना हवे 'कही अनकही'

– प्रो॰ जगदीश्‍वर चतुर्वेदी उत्तर-पूर्वी राज्यन अउर पश्चिम बंगाल में हिन्दी पत्रकारिता में लोकप्रिय अखबार ‘सन्मार्ग’ के महत्वपूर्ण भूमिका बा. ई एह क्षेत्र के सबले बड़ हिन्दी अखबार ह. एकर बड़हन पाठक समुदाय एकर...

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लोकतांत्रिक पत्रकारिता के आईना हवे ‘कही अनकही’

– प्रो॰ जगदीश्‍वर चतुर्वेदी उत्तर-पूर्वी राज्यन अउर पश्चिम बंगाल में हिन्दी पत्रकारिता में लोकप्रिय अखबार ‘सन्मार्ग’ के महत्वपूर्ण भूमिका बा. ई एह क्षेत्र के सबले बड़ हिन्दी अखबार ह. एकर बड़हन पाठक समुदाय एकर...

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अमौसा के मेला

– कैलाश गौतम प्रसिद्ध कवि कैलाश गौतम के एगो रचना उहें के आवाज में प्रस्तुत कइल जा रहल बा जवन एगो कवि सम्मेलन में पेश भइल रहे. पूरा ट्रांस्क्रिप्ट जस के तस दिहल जा रहल बा काहे कि ओकर अनुवाद के कवनो जरुरत नइखे लागत. कवि अपना...

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