बनचरी : भोजपुरी में कालजयी उपन्यास
दुर्गम बन पहाड़न का ऊँच-खाल में जिए वाला आदिवासी समाज के सहजता, खुलापन आ बेलाग बेवहार के गँवारू, जंगलीपना भा असभ्यता मानेवाला सभ्य-शिक्षित समृद्ध समाज ओहके शुरुवे से बरोबरी के दरजा ना दिहलस. समय परला पर ओकर उपयोग जरूर कइलस. खुद...
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