आइल पतोहिया भारी रे
– ओ.पी. अमृतांशु पर घर के आसरा कइली मतारी, आइल पतोहिया भारी रे. रोएली लोरवा ढारी मतारी, रोएली लोरवा ढारी रे. नव महीना दरदिया सहली ,बबुआ के जनमवली देवता-पितर पूजली, शीतला माई के गोद भरवली नजर-गुजर ना लागो, केतना मरीचा...
Read More– ओ.पी. अमृतांशु पर घर के आसरा कइली मतारी, आइल पतोहिया भारी रे. रोएली लोरवा ढारी मतारी, रोएली लोरवा ढारी रे. नव महीना दरदिया सहली ,बबुआ के जनमवली देवता-पितर पूजली, शीतला माई के गोद भरवली नजर-गुजर ना लागो, केतना मरीचा...
Read More– भगवती प्रसाद द्विवेदी सोगहग लवटब हम तहरा लगे / तहरा में जइसे लवटेले स पखेरू डैना फड़फड़ावत चहचहात ठोर चुँगियावत अपना खोंता में जइसे लगहर गाय के थान से सटल मुँह मारत बछरू लवटेला नाँद आ खूँटा का लगे जइसे लवटेलीं स बिल में...
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