Category: कविता

जा रे झूम के बसंती बहार 

– ओ.पी .अमृतांशु जा रे झूम के बसंती बहार  पिया के मती मार पिया बसेला मोर परदेसवा में . सरसों के फुलवा फुलाईल आमवा के दाढ़ मोजराईल , अंगे-अंगे मोर गदाराइल हाय!उनुका ना मन में समाईल , लाली होठवा भइल टहकार पिया के मती मार...

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बेहतर बा एगो दिया जरा लीं

बक्सर में छह फरवरी के आयोजित भोजपुरी कवि सम्मेलन के संबोधित करत बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष डा॰ रविकांत दूबे कहलें कि भोजपुरी के प्रतिष्ठा दिआवे खातिर ऊ सब कुछ करे के तइयार बाड़न आ एहमें सभकर सहयोग के आह्वान ऊ अपना कविता के...

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हम आग से बारूद सटवले बानी

– अभयकृष्ण त्रिपाठी अरसा बाद एक बार फिर कलम उठवले बानी, जानत बानी हम आग से बारूद सटवले बानी II दीप क रोशनी से अनंत के नाता बा, अन्हरन से देखे क बात हमारा ना सुहाता बा, हर केहू जान के एक दूसरा के लूट रहल बा, डाकू के मंत्री...

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जब आपन चिन्हाये लागेला

– नूरैन अंसारी जब आपन-आपन लोगवा चिन्हाये लागेला. तब स्वर्ग जइसन घरवो बटाये लागेला. जब अबर हो जाला बिश्वास के बरही, तब तिसरइत के हेंगा टंगाये लागेला. लोग भुला जाला जब नेकी के नक्सा, गुलाबो धतूर जइसन बसाये लागेला. जब घर में...

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खोंच के दोहा

– मिर्जा खोंच आपन बड़ाई हर घरी, हरदम बड़का बोल तब जाके ए दुनिया में लागी तोहर मोल. रातो दिन पढ़ते रहल, बाकिर भइल ना पास भइल पैरवी तब जाके, जागल ओकर भाग. लुट के इहवाँ छुट बा, लूट सके त लूट तब जाके भगवन के, मार तनी सैलूट....

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