फाग गीत
– रामरक्षा मिश्र विमल लागेला रस में बोथाइल परनवा ढरकावे घइली पिरितिया के फाग रे. धरती लुटावेली अँजुरी से सोनवा बरिसावे अमिरित गगनवा से चनवा इठलाले पाके अँजोरिया जवानी गावेला पात-पात प्रीत के बिहाग रे. पियरी पहिरि झूमे सरसो...
Read More– ओ.पी .अमृतांशु बरसे रंगवा हुलसे मनवा , नील गगनवा रंगाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल , आइल होली आइल रे !! मस्त फगुनवा मस्ती के दिनवा , झूमेला गेठ जोडिके सरकारवा, भइल करोडो हॉय रे घोटाला सउँसे खजाना लूटाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल...
Read More– अभयकृष्ण त्रिपाठी आईल बाटे फिर से बाबा शिवरात्रि के त्यौहार, भोले बाबा सुनी लिह बिनती हमार, मत दीह केहु के भी कवनो उपहार, भोले बाबा, भोले बाबा, भोले बाबा हमार II पापियन के नाश के महिमा सुनाईले, भस्मासुर के लीला भी भूले...
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