श्रेणी: कविता

खोंच के दोहा

– मिर्जा खोंच आपन बड़ाई हर घरी, हरदम बड़का बोल तब जाके ए दुनिया में लागी तोहर मोल. रातो दिन पढ़ते रहल, बाकिर भइल ना पास भइल पैरवी तब जाके, जागल ओकर भाग. लुट के इहवाँ छुट बा, लूट सके त लूट तब जाके भगवन के, मार तनी सैलूट....

Read More

सहर भइल सुरसा

– डॉ. गोरख मस्ताना सहर भइल सुरसा निगल रहल गाँव के चिमनी चबाये लागल निमिया के छाँव के नगर नगर नेहिया के दियरी टेमाइल नफ़रत के रोग गाँव गाँव में समाइल गाँवो में भईयारी बाँच गइल नाँव के सहर भइल सुरसा निगल रहल गाँव के. गँऊआ के...

Read More

भासा भोजपुरी ला बा अर्पित उमिरिया

१६ जनवरी के सिवान के पत्रकार भवन में भोजपुरी अकादमी के प्रादेशिक भोजपुरी कवि सम्मलेन के शानदार आयोजन भइल. ” भोजपुरी में हर तरह के अभिव्यक्ति के क्षमता बा. एकर लेखक बिना कवनो सहायता आ संरक्षण के स्तरीय साहित्य के सृजन कर...

Read More

आइल पतोहिया भारी रे

– ओ.पी. अमृतांशु पर घर के आसरा कइली मतारी, आइल पतोहिया भारी रे. रोएली लोरवा ढारी मतारी, रोएली लोरवा ढारी रे. नव महीना दरदिया सहली ,बबुआ के जनमवली  देवता-पितर पूजली, शीतला माई के गोद भरवली नजर-गुजर ना लागो, केतना मरीचा...

Read More

पुरुबिया

– डॉ. गोरख मस्ताना भोजपुरी भासा ला बा, अरपित उमिरिया पुरबिया हई…….. हम हई भोजपुरिया, पुरुबिया हई हमरी अंगनवा में गंगा जी के धार बा आरी आरी दुनु ओरिया तीरथ हजार बा कासी विश्वनाथ देवघर पुण्य धाम बा सुबह बनारस के,...

Read More

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..