अर्थ बा त समर्थ बा ना त बेअर्थ बा
– जयंती पांडेय हम भ्रष्टाचार के भविष्य के ले के निश्चिंत बानी. ई एकदम सत्य ह कि खाली हमनिये के देस में भ्रष्टाचार अउर भ्रष्टाचारियन खातिर तमाम संभावना आ सुविधा बा. हमनिये के ई हुनर हऽ कि हमनी का कतहियों, कबहुँओं करप्शन के...
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