श्रेणी: सतमेझरा

भउजी हो, तोहार नाँव का ह?

भउजी हो ! का बबुआ ? तोहार नाँव का हऽ ? ना बताएब. तोहार उमिर कतना भइल ? ना बताएब. तोहार धरम का ह ? ना बताएब. बिआहे अइलू ओकरा बाद कतना के गहना बनववलू ? ना बताएब. कवना बेमारी के ईलाज करावे नइहर गइल रहलू ? कई हालि कह दिहनी कुछ ना...

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अब नांव के ले के परेशानी

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद कलकाता अइले. उनका गांव के लोग इहां रहऽत रहे. ओहमें सबसे जियादा नांव रहे एकसिया बाबा के बेटा ठटपाल तिवारी के. अब बाबा उनका बाप से उनकर नांव पता ले लेहले आ पहुंच गइले खोजे. कलकाता के साल्ट लेक...

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अब कवना कवना बात खातिर मुँह लुकावल जाव

– जयंती पांडेय शरम कहीं चाहे लाज, इहो कतना तरहि के होला. अबही हालही के बाति ह कि अमरीका गोंड़ के बेटी दरोगा राय के बेटा संगे भाग गइल. अब अमरीका गोंड़ कइसे लाजे मुंह देखइहें. अइसहीं राष्ट्रीय शर्मो तरह- तरह के होला. बाबरी...

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भइल बियाह मोर अब करब का ?

– जयंती पांडेय बड़ा ढेर दिन के बाद रमचेलवा फेरू लउकल. रमचेलवा के संगे-संगे दो-चार जाना अउर रहलें. बुझाइल कि रमचेलवा ए घरी नेतागीरी करे लागल बा. बाकी अपना गुरु लस्टमानंद के देख के रमचेलवा मानो गोड़े पर ढह पड़ल. सांच कहीं तऽ...

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भउजी हो : तीन गो चोर आ ओकनी के सजा

भउजी हो ! का बबुआ ? बहुत दिन बाद अइनी, जमानत मिल गइल का ? ना भउजी. तूलोग जवना जेहल में डलले बाड़ू ओहिजा से मुअला का दिन ले जमानत नइखे मिले वाला. हँ बीच बीच में पेरोल पर छूटत रहीलें. तबो भउजी का लगे आवे में अतना दिन लाग जाला ! अब...

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