श्रेणी: सतमेझरा

करप्शन के हाल्ला काहे

– जयंती पांडेय आज करप्शन के नांव पर बड़ा हल्ला बा. ई हल्ला उहे लोग हो-हल्ला मचा रहल बा, जेकरा करप्ट होखे के मौका ना मिलल. जसहीं मौका मिली, ऊ आपन ओठ सी लिहें. ई रीति जमाना से स चलि आ रहल बिया. लोग भ्रष्टाचार के विरोध करत...

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चार गो भतार ले के लड़े 'सतभतरी'

– अशोक मिश्र काल्हु भिनुसहरे मुसद्दीलाल गली में खुलल पंसारी के दुकान का सोझा भेंटा गइलन. जाड़ो में ऊ पसीना-पसीना होखत रहले, उनुकर हालत देखि के हमरा ताज्जुब भइल. हम पूछनी, ‘अमां मियां! कवनो मैराथन दौड़ में शामिल हो के...

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लस्टमानंद के चुनावी रणनीति

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद अबकी चुनाव में खड़ा होखे के फैसला कऽ लेहले बाड़े आ ओकरा खातिर रणनीति बनावे में जुटल बाड़े. अब उनका खेलाफ बड़का दल के बड़ बड़ नेता खड़ा बा लोग आ ओकरा पर से अण्णा बाबा के चर लोग चारू इयोर घूम...

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करोड़पति बनावेले मनरेगा

– अशोक मिश्र भोरे हम अखबार पढ़े में डूबल रहली तबहिये सुपुत्र चिंटू सवाल दगलसि, ‘पापा! अच्छा ई बताईं कि लोग करोड़पति कइसे बन जाला ? चुनाव जीते से पहिले ले कुछ हजार भा लाख रुपिया के औकात राखे वाला विधायक, सांसद, मंत्री अइसन...

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लोकपाल के नाना प्रोडक्ट

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद एगो अखबार में छपवावे खातिर लोकपाल पर एगो लेख लिखले. लेख का रहे एकदम से तमाशा रहे. ऊ लिखले कि लोकपाल एगो अइसन फल हऽ जे ईमानदारन के मीठ आ बेईमानन के खट लागेला. जनता के खट मीठ दूनो. सरकारी अफसरन...

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