श्रेणी: सतमेझरा

कइसन कइसन शरम ए भईया

– जयंती पांडेय केहु के केहु पर पइसा बकाया रहेला त ऊ आंखि लुकवावे ला. केहु कवनो बात से लजाला त केहु कवनो बात से. एह में एगो होला राष्ट्रीय शर्म. इहो राष्ट्रीय शर्म तरह-तरह के होला. कबहीं मोदी जी के गुजरात में दंगा से हो...

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आपन तऽ कवनो स्टैंडर्ड ना दोसरा के ‘पुअर’ बतावत बाड़े

– जयंती पांडेय रामचेला दुपहरिया में बाबा लस्टमानंद के दुअरा मुंह लटकवले अइले आ कहले, अमरीका के एगो कम्पनी बा ऊ तऽ हमनी के देश के कंगाल बता के कहि देता कि ओकर कवनो साख नइखे. ई खबर से भारत के रेटिंग घट गइल. बाबा लस्टमानंद...

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जीवन से नत्थी बा कई गो बात

– जयंती पांडेय हमनी के जीवन में कई गो बात नत्थी बा जेहपर हमनी के आपन कवनो हक नईखे. जइसे आपन पड़ोसी, आपन माई बाप आ आपन नांव. ई बस हो जाला एकर चुनाव ना कइल जा सके. लेकिन आज के दुनिया में पहिलका दू गो बात त आपके अधिकार में...

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स से हुंसियार रहे नारी जाति

– जयंती पांडेय अपना देश में मेहरारू जात हमेशा खतरा में रहेले. पहिले बंगाल में कवनो खतरा ना रहे पर अब त इहों खतरा बढ़ि गइल बा. अपना देस के मेहररूअन के समय-समय पर अनेकानेक दुश्मन से सामना होत रहेला आउर ओहमें सबसे पहिला नाम...

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लस्टमानंद के पुलिस विमर्श

– जयंती पांडेय रामचेला बाबा लस्टमानंद से सवचले, हो बाबा आज कल पुलिस सुधार पर बड़ा चर्चा बा. कभी सुनले रहनी कि सिपाही के मुरइठा देखि के बड़े बड़े लोगन के पैंट खराब हो जात रहे. आजुओ काल पुलिस के बारे में लोग के अच्छा विचार...

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