समरथ के नहीं दोष गुसाईं – बतंगड़ 108
- टीम अंजोरिया

समरथ के नहीं दोष गुसाईं – बतंगड़ 108

mighty is always right

गोस्वामी तुलसीदास के कहल ह कि –
‘समरथ के नहीं दोष गुसाईं,
रवि पावक सुरसरि की नाई।’

उहां के लिखला के मतलब रहल त ई होखी कि जे समर्थ बा ओकरा में कवनो दोष ना होखे के चाहीं, जइसे कि सूरज, आग, आ देवतन के नदी (गंगा) में कवनो दोष ना होखे के चाहीं। बाकिर आजुकाल के समरथ लोग एह उक्ति के तूड़-ताड़ के अइसन बना दीहल कि जे समर्थ बा ओकरा पर कवनो दोष ना लगावे के चाहीं काहें कि ओकर दोष मानल ना जा सके।

आजु के एह बतंगड़ में हम अपना देश के न्यायपालिका के आचरण के चरचा करे के कोशिश करब। ओकरा फैसला भा व्यक्तव्यन के ना। न्याय खातिर मानल जाला कि हजार गो दोषी छूट जाव त कवनो बाति ना, एगो निर्दोष के सजा ना होखे के चाहीं। आ सगरी समस्या के जड़ में इहे भाव बा। एकरे के बहाना बना के आजु के समरथ न्याय का फंदा से बाहर रहेलें, अगर कबो फँसियो जासु त तुरते निकलियो जालें।

जज रहल यशवन्त वर्मा का कोठरी में जरत नोटन के बोरा मिलला का बाद कुछ लोग खोज निकलले बा कि एह वारदात से कुछ समय पहिले ऊ एगो फैसला सुनवले रहलें जवना में वादी के करोड़ों रुपिया के फायदा भइल रहल। अब एह दुनु बातन में कवनो संबंध बा कि ना से हम नइखीं जानत। जजे लोगन का आचरण से जुड़ल एगो घटना हाल फिलहाल चरचा में बा। आ तृषा के कहानी से पहिले हम कुछ भूमिका बान्ह लीहल चाहत बानौ। बतंगड़ तनी लमहर हो जाव त माफ करब सभे।

याद होखिहें लालू प्रसाद यादव जिनकर नाम के बदला महज चारा चोर कह दिहले से सभे समुझ जाला कि केकर बात हो रहल बा। त एह चारा चोर के न्यायालय से सजा मिल गइल बाकिर समरथ होखला का चलते ऊनुका के जमानत पर छोड़ दिआइल बा। जमानत स्वास्थ्य कारण से मिलल बाकिर ओकर फायदा उठा के ऊ हमेशा ला बाहर हो गइल बाड़न आ शायदे कवनो न्यायपालिका के एकर चिन्ता होखत होखी कि का इहे न्याय होला?

अइसने एगो अउर नाम बा हरियाणा के ओम प्रकाश चौटाला के। शिक्षक भर्ती घोटाला में उनुका के सजा मिल गइल। कुछ समय जेलो में बितवलें बाकिर फेर जमानतो मिल गइल आ ओकरा बाद ऊ फेरू राजनीति में सक्रिय हो गइलन.

फिल्म अभिनेता सलमान खान के नाम अबहीं लिहला के जरुरत नइखे काहें कि आजु ले न्यायालयन के ई पता नइखे चलल कि उनुकर गाड़ी फुटपाथ पर सूतल लोगन पर चढ़ल कइसे, ओकरा के चलावत के रहल ? शायद न्यायालयन के लागत होखी कि कवनो जुगाड़ लगा के लोगे ओह गाड़ी के अपना पर चढ़वा लिहले होखे। वइसहीं कटारियो के चरचा एहिजा जोग नइखे। निठारी काण्डो के चरचा बेमानी बा। हँ फिल्म अभिनेता संजय दत्त के नाम एहिजा लीहल जा सकेला. बरीस 1993 के मुंबई ब्लास्ट केस से उनुका सजा मिल गइल आ ऊ पूरा सजा काट के निकललन।

गुरमीत राम रहीम सिंह के बलात्कार का एगो मामिला में बीस बरीस के सजा सुनावल जा चुकल बा आ ऊ जेले में बाड़न। बाकिर जब जब चुनाव के मौसम आवेला उनुका पेरोल मिल जाला।

राजीव गाँधी हत्याकाण्ड में सजायाफ्ता एजी पेरारिवलन करीब तीस बरीस जेल में रहला का बाद सुप्रीम कोर्ट से रिहाई पा लिहलन।

बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर एगो नन से बलात्कर के मुकदमा चलल बाकिर कोट्टायम के एगो अदालत के लागल कि उनुका खिलाफ कवनो सुबूत नईखे से उनुका के रिहा कर दिहलसि। हालांकि मुलक्कल के जालंधर के बिशप पद से त्यागपत्र वटिकन सकार लिहलसि। आ ऊ अबहियों बिशप एमरिटस का रुप में केरल के एगो रिट्रीट सेंटर पर बाड़न। बाकिर अबहीं उनुका मुकदमा में आखिरी फैसला अबहीं ले आइल नइखे आ शायद उनुका जिनिगी में अइबो ना करी। बाकिर आसाराम बापू एह जोग ना पावल गइलन कि अदालत उनुका के जमानतो दे देव।

अब एह भूमिका का बाद आईं ट्वीशा शर्मा के मामिला के चरचा कर लीहल जाव। ई खबर मीडिया के फिलहाल छपले बा आ सबले ताजा खबर ई बा कि ट्वीशा शर्मा के पति आ हत्यारोपी अदालत में समर्पण कर दिहले बावे। तृषा के सासु माँ नामी जज रहल बाड़ी आ उनुका चहुँप के चरचा के कवनो जरुरत नइखे।

33 बरीस के ट्वीशा शर्मा नोएडा में मॉडल रहली आ जज, हम जान बूझ के जज के हिन्दी में न्यायमूर्ति भा न्यायाधीश ना लिखल करीं, हँ त जज गिरिबाला सिंह के बेटा समर्थ सिंह – संजोग से जिनका नामे में समरथ शामिल बा- से उनुकर बिआह हो गइल। ट्वीशा शर्मा के लाश पिछला दिने भोपाल में उनुका ससुराल में मिलल। बतावल गइल कि ऊ फँसरी लगा लिहली। जबकि ट्वीशा शर्मा के परिवार के कहना बा कि उनुकर हत्या दहेज का चलते कइल गइल बा।

सन्देह अउर गहिरा जात बा कि बतावल जात बा कि ट्वीशा शर्मा का मौत का बाद जज गिरिबाला सिंह अनेके जजन से फोन पर बतियवली। जज से बतियावल त समुझे वाली बात बा कि पता लगावल चाहत होखिहें कि एह मामिला से कइसे निकलल जाव। बाकिर समुझ में ना आवे वाली एगो बात ई बा कि कई एक तकनीशियन से बात कइली जे सीसीटीवी के जानकार हउवे। फोन के रिकार्डो में हेर फेर करवावे के बात कहल जा रहल बा। कहे वाला त इहो कहत बाड़न कि अस्पताल के मुर्दाघर में राखल ट्वीशा शर्मा के लाश जल्दी से सड़-गल जाव एकरा खातिर मुर्दाघर के तापमानो से छेड़छाड़ करावल गइल। अब ट्वीशा शर्मा के पोस्टमार्टम दुबारा करावे के आदेश भोपाल उच्च न्यायालय से हो गइल बा।

मामिला अबहीं जाँच के क्रम में बा एहसे बहुत कुछ बोलल बतियावल सही ना कहाई। बाकिर रउरा का लागत बा? का एह मामिला के फैसला कबो हो पाई?

 

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