दोहावली
– (स्व॰) मोती बी॰ए॰ मों तो मोती बावरा यद्यपि हों जलजात सीपी में सागर तिरे, सीप न सिन्धु समात. स्वाति बून पाके मगन, गहिरे गहिरे पइठ मोती ले के गोद में, गइल अतल में बइठ. गोताखोर सराहिये साहस विकट कराल पइठ सिंधु के पेट से...
Read Moreसुने में कुछ अजीब लागत बा बाकिर साँच कुछ अइसने बा. .co कोलम्बिया खातिर दिहल सेकन्ड लेवल डोमेन हवे. अचानक एह टीएलडी के स्वामित्व वाली कंपनी के लागल कि डॉट को के फायदा काहे ना उठा लिहल जाव. डॉट को आ डॉट कॉम में फरके कतना बा. बस...
Read Moreजिनगी एगो खेल ह. हार-जीत एहू में होखत रहेला. जे हार से सीख लेके जीते के प्रयास करेला, ओकरा जीत जरूर मिलेला. कहल जाला कि जे युद्ध के पंजरा जइबे ना करी ओकर का हार चाहे का जीत. बाकिर आज हम जिनगी रूपी खेल के चरचा नइखीं करे जात बलुक...
Read Moreअँजोरिया के पाठक लोग त आपन शुभकामना सीधे पोस्ट कर दिहले रहे. कुछ शुभकामना इमेल से भा दोसरा वेबसाइटो पर दिहल गइल. भोजपुरी की पहली वेबसाइट अंजोरिया.कॉम की सातवी सालगिरह पर हार्दिक बधाई. – रवि किशन सात बरिस पूरा कइलस अंजोरिया...
Read More१७ जुलाई के साँझ दिल्ली में जयभोजपुरी डॉटकॉम साइट के सदस्य आपन साइट के पहिलका वर्षगाँठ मनावे जुटलें त सभकर हियाव जुड़ा गइल, आँख भर आइल. अपना नेट के दोस्तन के अपना सामने देख के होखे वाला खुशी के अन्दाज उहे कर सकेला जे एह अनुभूति...
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