साल: 2010

छठ गीत, काँच ही बाँस के बहँगिया,

काँच ही बाँस के बहँगिया, बहँगी लचकति जाय. बहँगी लचकति जाय. बात जे पुछेलें बटोहिया बहँगी केकरा के जाय ? बहँगी केकरा के जाय ? तू त आन्हर हउवे रे बटोहिया, बहँगी छठी माई के जाय. बहँगी छठी माई के जाय. काँच ही बाँस के बहँगिया, बहँगी...

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छठ गीत

पटना के घाट पर देबेलू अरघिया हो, केकरा लागी ? पटना के घाट पर देबेलू अरघिया हो, केकरा लागी ? ए करेलू छठ बरतिया हो केकरा लागी ? ए करेलू छठ बरतिया हो केकरा लागी ? पटना के घाट पर दिहिला अरघिया हो, बेटा लागी ? ए करीला छठ बरतिया हो...

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छठ गीत

– ओ.पी. अमृतांशु अँखिया से बही गइले, लोरवा के नदिया, छठी माई,सुनिलीं तीवईया के अरजिया हो राम. गोबरे लिपवलीं, पुरवलीं चउकावा, जगमग-जगमग, जरेला दियनवा, कोसिया भरवलीं, कईलीं घीउए हुमदीया. छठी माई,सुनिलीं तीवईया के अरजिया हो...

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