साल: 2016

राजनीति के खटिया पर चड्ढी उतारि के (बाति के बतंगड़ – 9)

– ओ. पी. सिंह पिछला बेर खटिया आ ओरचन के बतिया आधे प छोड़ देबे पड़ल रहुवे. आजु फेर ओकरे के लेके बढ़त बानी. खटिया लेके बहुते गाना फिलिमन में आइल बा. ‘रामदुलारी मयके गई, खटिया हमरी खड़ी कर गई’ वाला गाना में हालात...

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बबुआ जी वोटवा मांगेले खटिया बिछाई के बाति के बतंगड़ – 8)

– ओ. पी. सिंह राजनीति में खटिया के महत्व हमेशा से रहल बा बाकिर अबकी यूपी का चुनाव में ई शान से सामने आइल बा. अपना विरोधी के खटिया खड़ा करे का फेर में बबुआ जी जगहे-जगह खटिया बिछवले जात बाड़न आ लोग जे बा कि ना से खटिया पर...

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सबले नीमन ठठपाल (बाति के बतंगड़-7)

– ओ. पी. सिंह कहे वाला त कहेलें कि नाम में का धइल बा. चीनी के कवनो नाम दीं ओकर मिठास उहे रहे वाला बा. गुलाब के कवनो नाम दीं ओकर सुगन्ध नइखे बदले वाला, बाकिर अब जमाना बदल गइल बा. अब नाम उहे रह जात बा बाकिर ओकर गुण बदल दीहल...

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लकी चार्म पाखी हेगड़े के मैनेजर रवि प्रभाकर ’कन्हैया’ बने फिल्म निर्माता

भोजपुरी सिनेजगत की लकी चार्म सिनेतारिका पाखी हेगड़े के मैनेजर रवि प्रभाकर ’’कन्हैया’’ पिछले 10 साल...

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