अइसन से सहानुभूति कइसन

– टीम अंजोरिया

#standard-bhojpuri # गंगा-जमुनी-तहजीब #लव-जिहाद #भाईचारा

अइसन से सहानुभूति कइसन

no sympathy for these girls

आजु कवनो नया बाति नइखे रहि गइल कि कवनो मुसलमान लड़िका हिन्दू नाम ध के कवनो लड़िकी के फँसा लेव। पिछला कई बरीसन से अइसन वाकया सामने आवत रहेला आ तबिहियों अपना वासना में भूखाइल लड़िकियन के फाँसत रहेला।

एहिजा हमरा एह बात पर तनिका संदेह होला कि लड़िकियन के मालूम ना होखे कि हिन्दू नाम का पीछे कवनो मुसलमान लुकाइल बा। कई बार जानतो बूझत एह तरह के लड़िकियन पर अपना ‘मोहब्बत’ के अइसन सुरुर चढ़ल होला कि ऊ केहू के बात सुने ला तईयार ना होखऽ सँ। बाद में जब मामिला हाथ से निकल जाला आ ऊ लड़िकि अपना आशिकी के सीमा पार कर जाली सँ तब लवटलो मुश्किल हो जाला ओहनी खातिर। बाद में पता चलिए के का हो सकेला। आम तौर पर हिन्दू लड़िकियन के मालूम ना रहेला कि इस्लाम में कवनो लड़िकी भा औरत महज वासना मिटावे के साधना भर रहेली सँ। घरो परिवार में ओहनी के अस्मत (अगर कवनो अस्मत होखत होखे) सुरक्षित ना रहे। चाचा, भतीजा, महतारी के नयका भतार, ससुर, भसुर सभका निशाना पर रह जाली सँ।

अबहीं हालही के बात बा कि एगो अइसने औरत लखनऊ उच्च न्यायालय के एगो बिल्डिंग का छत पर अपना कोरा के बच्चा लिहले चढ़ि गइल आ कूद जाए के इरादा जतावत रहुवे। कूदे के रहीत त जबले पुलिस भा अउर लोग आइल रहीत तब ले ऊ कूद गइल रहीत। बाकिर ओकर असल मकसद अपना मामिला में न्याय पावे के रहुवे। शकुनि के साथ चौपड़ खेल के आपन मेहरारू तक हार जाए वाला युद्धिष्ठिर जब न्याय के उमीद करे लागे तब ओकरा पर दया ना घिन आवे के चाहीं’

खेर एह वारदात के खबर एक्सप्रेशन -पुरनका ट्वीटर – पर ट्रेंडिंग बा त हमहूं एकरा के ले लिहलीं आजु के एह पोस्ट ला। बतावल जात बा कि शमीम पहिले मनीष बनि के एगो लड़िकी के फँसवलसि। मौका पा के ओकर भोगो कइलसि. पता ना एकही बार कि बार बार. आ अइसने कवनो भोग के दौरान एकर वीडियो बना लिहसलि। फेर ऊ वीडियो देखा के अपना यारो दोस्तन के ओकर भोग लगवलसि। आ एह सब का बाद ओकरा के अपना साथे निकाह करे ला मजबूर कर दिहलसि।

अब अपना भोग से उबियाइल ऊ औरत अपना आशिक से तलाक के अरजी लगवले बिया। आ हमेशा का तरह न्यायालय अपने मद्धिम चाल में चलत बा। न्यायालय के चाल बढ़ावे ला अपराधी भा भुक्तभोगी के रसूख वाला होखे के चाहीं आ कवनो बड़का वकील के मेहनताना देबे के औकात होखे के चाहीं। एह औरत का लगे ना त रसूख बावे ना औकात से देरी त लागहीं के बा। अब अपना मामिला के सुर्खियन में ले आवे खातिर खुदकुशी करे के कोशिश देखा के देश समाज के धेयान अपना मामिला का तरफ खींचे के जोगाड़ लगवलसि।

साँच कहीं आ ईमानदारी से त अइसनका लड़िकियन से हमरा कवनो तरह के सहानुभूति ना होखे। हम त बस इहे सोचिलें कि – ‘जस करनी तस भोगहूं ताता, नरक जात में क्यों पछताता?’

आ ना त ई पहिलका खबर ह ना आखिरी। एही दौरान एगो अउर खबर सामने आ गइल। धार, मध्य प्रदेश, में एगो अब्दुल हादी आदित्य ठाकुर के नाम धर के एगो लड़िकी के फँसवलसि आ ओकर भोग लगा लिहलसि. भोग लगवला का बाद ओकरा के इस्लाम कबूल करे ला दबाव बनावे लागल। बाकिर लड़िकी एह मामिला के छुपवलसि ना, उघारे ला तइयार हो गइल। अब पुलिस एह आशिक के ‘जनाजा’ निकाल दिहसलि –

आ एह सब कुछ का बादो कुछ अरामी इन्दू कहियें कि लव जिहाद जइसन कुछ होखे ना। सब कुछ संघी साजिश ह गंगा-जमुनी तहजीब के खतम करे ला। अरे बेवकूफ गंगा में जमुना मिल के गंगा हो जाली। एहिजा त जमुना के कोशिश बा कि गंगा ओकरा में समाहित हो के जमुना बन जाव। भाईचारा के एह चालबाजी के इन्दू जतना जल्दी बूझ जासु ओतने नीमन। ना त ऊ हमेशा भाई बने का कोशिश में चारा बनि के रहि जइहें।

0 Comments

Submit a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent Posts

अंजोरिया पर खोजीं -

आपन टिप्पणी, लेख, कहानी, कविता, विचार भेजे खातिर -

anjoria@rediffmail.com

अगर राउर रचना पहिला बेर आ रहल बा त आपन एगो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ में जरूर डाल दीं.

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..