पाँच जून – एगो रोमांचक तारीख – बतंगड़ 112
मोदी सरकार के खासियत हवे कि ई सरकार अइसन अइसन काम बहुते सहज भाव से कर जाले जवना का बारे में सोचलो मुश्किल रहत रहुवे। जइसे कि तीन तलाक का खिलाफ कानून बनावल आ संविधान के धारा 370 हटावल। अब मोदी सरकार अबले के सबले मुश्किल काम हाथ में ले लिहले बिया। एक तरह से कहीं त साँपन का बीयर में हाथ डाल के साँपन के निकाल बाहर फेंके के एलान। अब ई काम हो पावत बा कि ना से देखे जोग रही। सगरि राष्ट्रवादी अब एही ओर तिकवत बाड़न।
कहल जाला कि साँप के जहर के काट करे वाला उपाय ना जानत होखीं त साँप का बीयर में हाथ डालल जानलेवा साबित हो सकेला। अमेरिका के डीप स्टेट के चरचा त आए दिन होखल करेला बाकिर भारत के आपने डीप स्टेट का तरफ केहू के धेयान ना जाव। एक बेर कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री रहल राजीव गाँधी एह डीप स्टेट का खिलाफ कोशिश कइले रहलन बाकिर उनुकर प्रयास सफल ना भइल। भा कहीं त उनुका बेंवत में ना रहल ई काम!
रउरो सोचत होखब कि आजु हम कवना डीप स्टेट के चरचा ले बइठल बानी। त ई डीप स्टेट हवे दिल्ली के जिमखाना क्लबा। अंगरेजन क राज का दौरान विलायती खासमखास लोगन के मिले जुले के स्थान का रूप में इम्पीरियल क्लब बनावल गइल रहल। तब एह क्लब में आम के के कहो खासो हिन्दुस्तानियो के घुसे के इजाजत ना रहुवे। आ इजाजत त आजुवो आम आदमी के नइखे। खासमोखास में खासमोखासे लोग एह क्लब के सदस्य बन सकेलें। आ ओकरो खातिर बरीसन के इन्तजार करे के पड़ी।
मोदी जब प्रधानमंत्री बनलें तहिये से ऊ खान मार्केट गैंग भा लुटियन्स कबाल के चरचा करत आइल बाड़न। उनुकर कहना रहल कि शायद एह गैंग के समूल नाश उनुके हाथ से होखे वाला बा।
दिल्ली जिमखाना क्लब के बारे में जाने खातिर एकरा कई एक आयामन के चरचा करे के पड़ी – कानूनी, राजनीतिक, प्रतीकात्मक, आ सैद्धान्तिक। हर आयाम दुरुह से दुरुहतर बावे। एकरा के कवनो साधारण क्लब समुझे के गलती केहू के ना करे के चाहीं। ई भारत के डीप स्टेट का तरह काम करेला। एहिजा बाते बात में हजारन करोड़ के धंधा हो जाला, सरकारन के गिरवला-बनवला के प्लानिंग हो जाला।
कहे खातिर त एह क्लब के स्थापना खेल के बढ़ावा देबे का नाम पर भइल रहल आ दिल्ली के केन्द्र में 27 एकड़ जमीन महज कुछ फुटकर का किराया पर दे दीहल गइल रहुवे। एह क्लब के सदस्यता शुल्क साढ़े सात लाख रुपिया सालाना बतावल जाला, असल आंकड़ा हमरा पक्का से नइखे मालूम।
मोदी सरकार का तरफ से दिल्ली जिमखाना क्लब के लीज खतम कर दीहल गइल बा आ नोटिस जारी हो गइल बा कि पाँच जून 2026 ले एकरा के खाली कर दीहल जाव ना त सरकार खुदही खाली करवा के कब्जा ले ली। बाकिर ई बात कहल आसान रहुवे कइल बहुत मुश्किल होखे वाला बा। एक तरह से ई – ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के अगिन परीक्षा साबित होखे वाला बा। एह क्लब के सदस्य हर तरीका आजमा लीहें, हर कोशिश कर लीहें कि सरकार एह काम के ना करवा पावे। शुरुआत अदालत से होखी। अदालत में सरकार के एह फैसला के चुनौती दीहल पहिला काम होखी लुटियन कबाल के। एह क्लब के पँहुच आ औकात के आकलन आम मनई का सोच से बाहर के काम होखी।
जिमखाना क्लब के जमीन प्रधानमंत्री आवास से सट के बा आ जब कबो कवनो पार्टी वगैरह होखेला त ओकर गूंज पीएम आवास ले सुनाई देला। हालांकि अब रात दस बजे का बाद तेज आवाज का साथे पार्टी करे पर रोक लगा दीहल गइल बा बाकिर रउरो जानत बानी कि ‘तूं हमरा के जानत नईखऽ’ वाला लोगन के बेंवत कतना होला। छोट मोट अधिकारी आ कर्मचारी के त ऊ हालत हो जाई जवना के दावा कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय पीएम के करे के बात क के कइले बाड़न। अजय राय के गाली गलौज वाली बात अतना घटिया बा कि ओकर चरचा करे में बहुते लोग के लाज लागी। बाकिर गाँ.. फा.. दिया कहि के ओकर अहसास करावल जा सकेला। अजय राय के कहना बा कि ऊ वीडियो जवना में ऊ मोदी के गरियावत लउकल बाड़न तवन एआई के बनावल हवे। खैर बात होत रहल जिमखाना क्लब के, ओही पर लवटल जाव।
सरकारी आदेश जारी त हो गइल बा बाकिर कहल मुश्किल बा कि का सचहूं जिमखाना क्लब ऊ जमीन खाली कर दी! देश में तरह तरह के टूल किट पर काम हो रहल बा। करीब हर विरोधी गोल एही फिराक में बा कि कवना तरह देश में आग लगवा दीहल जाव। राहुल के दावा त ई बा कि मोदी सरकार एक साल के भितरे गिर जाई।। बाकिर मांसाहारियन के सराप से डाँगर ना मुअऽ सँ। बाकिर जिमखाना क्लब का मामिला में जइसन सन्नाटा पसरल बा तवन बतावत बा कि कवनो बड़हन तूफान उठावे के तइयारी चल रहल बा। आ अगर जे कहीं सचहूं मोदी सरकार दिल्ली जिमखाना क्लब से जमीन खाली करा ली त एह घटना के असर कश्मीर विवादो से बेसी होखे जा रहल बा।
आ बंगाल में भाजपा के सरकार बनला से जवन सदमा इंडी अल्लायंस के चँहुपल बा ओहू ले बड़ सदमा मिले जा रहल बा विरोधियन के।
सचहूं इंतजार रही एकर परिणाम देखे के। चार मई से बेसी रोमांचक तारीख होखे जा रहल बा पाँच जून!


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