हिन्दी गीतन के भोजपुरियावे के साजिश

आजु काल्हु एगो नया चलन देखे के मिल रहल बा। कबो भोजपुरी संगीत के लोकप्रियता से घबराइल हिन्दी संगीत के धंधेबाज भोजपुरी के अश्लीलता का खिलाफ एगो आन्दोलन चला दिहलें आ हमहन के बहुते भोजपुरिया लोगो एह साजिश में अनजाने में शामिल हो गइल। अश्लील आ फूहड़ में अन्तर होला। शृंगार आ कामुक गीतो मे अन्तर होला। फूहड़ दू-अर्थी कामुक गीत-साहित्य दुनिया के हर भाषा में मिलेला। अंजोरियो पर कई बेर हम हिन्दी फिलिमन के वाहियात फूहड़ गीतन पर लिख चुकल बानी। बाकिर पता ना काहे भोजपुरिया लोग हिन्दी वालन के एह साजिश से सावधान नइखे होखत। अब एगो नया चलन ई देखे के मिल रहल बा कि कुछ हिन्दी फिलिमन के गीतन के भोजपुरिया के परोसल जा रहल बा।
वइसे भोजपुरियावे के बेमारी हमनी के कई एक लिखनिहारनो में मिल जाला जे अपना हिन्दी लेखन-रचना के भोजपुरिया के परोसत रहेलें। संज्ञा सर्वनाम सब कुछ हिन्दी जइसन बस क्रिया के बदल देबे के बा। एह लोग के बुझाला कि भोजपुरी हिन्दी के उपभाषा हीयऽ जबकि भोजपुरी के इतिहास हिन्दी से बहुते पुरान हवे। भोजपुरी नैसर्गिक भाषा हवे जबकि हिन्दी कृत्रिम रुप से बनावल-बढ़ावल गइल। हिन्दी कवनो इलाका के स्थानीय भाषा ना हवे बाकिर हर जगहा का भाषन पर हावी होत गइल बिया। आ एह हावी होखे का पाछा बस हिन्दी के मिलत सरकारी संरक्षण आ अधिकार। हिन्दी वाला हमेशा एह साजिश मे शामिल रहलन कि भोजपुरी के कबो संवैधानिक मान्यता ना मिल पावे।
आजु हम एगो नया चलन के चरचा करे बइठल बानी। देखे-सुने में मिल रहल बा कि कई एक हिन्दी फिलिमन के गीतन के भोजपुरिया के परोसल जा रहल बा। आ हमरा विचार में ई एगो बड़हन साजिश रचल जा रहल बा। एह गीतन के भोजपुरियवला से भोजपुरी के आपन गीत-गवनई कमजोर पड़े लागी। भोजपुरी में रचला का बदले हिन्दी गीतन के भोजपुरिया के फूहड़ कोशिश देर-सबेर भोजपुरी संगीत उद्योग के नुकसान चहुँपाई।
कुछेक गीतन में त बस मुखड़ा आ लय पुरान राखत बाकी गीत भोजपुरी में बदल दीहल जात बा त कुछ के पूरा अनुवाद कर के। बाकिर फिल्मी दृश्य हिन्दी वाला जस के तस राखल जा रहल बा। एहसे भोजपुरी कलाकारनो के नुकसान हो रहल बा। हँ कुछ गीतकार आ गायक-गायिका जरुरे कुछ कमा लेत होखिहें एह भोजपुरियावल हिन्दी गीतन के गा के, सगीत से सजा के।
वइसे कुछ लोग संतोष जाहिर कर सकेला कि – वो मुझे भूलने की फिक्र में हैं यह मेरी फतह है शिकस्त नहीं। एह तरह से ना त ओह तरह से भोजपुरी के त पसारे नू हो रहल बा। बाकिर ई ड्रग माफियन जइसन साजिश हो रहल बा भोजपुरी गीत-गवनई से। गँवे-गँवे आदत लगा के नशेड़ी बना देबे के बा। आ भोजपुरी बाजार पर काबिज होखे के ई एगो फूहड़ कोशिश माने के चाहीं।
नमूना का तौर पर एगो अइसने गीत के लिंक नीचे दे रहल बानी –
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