श्रेणी: भोजपुरिया लाल

बिजली में तड़प केतना होला अनजान बदरिया का जानी!

देश के बड़ गीतकार गोपालदास नीरज लिखले बाड़े – “गीत अगर मर जायेंगे तो क्या यहाँ रह जायेगा एक सिसकता आसुओं का कारवां रह जायेगा ” गोपालगंज (बिहार) जिला के कटेया अंचल में जनमल राधा मोहन चौबे ‘अंजन’ जी...

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जनकवि भिखारी ठाकुर लोक साहित्य एवं संस्कृति महोत्सव २०१२

भोजपुरी के कालजयी जनकवि आ रंगकर्मी स्व॰ भिखारी ठाकुर के १२५ वीं जयन्ती के शुभ अवसर पर गंगा सरयू सोन के धवल धार के संगम तट पर उनुकर जनमभूमि भिखारीधाम, कुतुबपुर में एगो महोत्सव १८ दिसंबर २०१२ के मनावल जाई. एह महोत्सव में भिखारी...

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दिल्ली में मनावल गइल भिखारी ठाकुर के पुण्य तिथि

भोजपुरी के शेक्सपीयर के नाम से मशहूर लोक कलाकार भिखारी ठाकुर अपना जमाना में जवना सामाजिक बुराईयन का खिलाफ लड़ाई लड़लन ऊ समस्या आ सामाजिक बुराई कमोवेश आजुओ समाज में मौजूद बा. भिखारी ठाकुर के नाटकन में नशाखोरी, धर्मिक पाखण्ड,...

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छपरा के लोग भुला दिहल भिखारी ठाकुर के

पिछला मंगल १० जुलाई का दिने जब पटना आ कुतुबपुर में भोजपुरी के शेक्सपियर कहाएवाला भिखारी ठाकुर के पुण्यतिथि मनावल गइल तवना दिने छपरा के भिखारी ठाकुर मोड़ पर मौजूद भिखारी ठाकुर आ उनुका मण्डली के मूर्ति बाट जोहत रह गइल एगो फूल माला...

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