मोहब्बत की अकीदत को बदलती है “ले के आजा बैंड बाजा ए पवन राजा” फिल्म
किसी भी फिल्मकार को फिल्म बनाते समय इस बात का खाश ख्याल रखना चाहिये कि फिल्म की शान ए शौकत के साथ साथ स्क्रीप्ट रुपी रसूख भी बचाये रखा जाये. कोशिश यह भी की जाने चाहिये कि किरदारों की परस्पर वफादारी और निर्भरता को भी आंच ना आये....
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