श्रेणी: सरोकार

प्राणायाम : साँस के साधे के विज्ञान

– ममता सिंह प्राण संस्कृत शब्द ह जवना के मतलब होला साँस लिहल. आ एही साँस लेबे के तरीका साधे के विज्ञान के प्राणायाम कहल जाला. प्राण = साँस आ आयाम = साधल भा नियन्त्रण. आयुर्वेद, जीवन के वेद, में प्राण के पाँच गो प्रकार...

Read More

अरविंद कुमार के मिलल हिन्दी अकादमी शलाका सम्मान

दू दिन पहिले हमरा एगो लेख मिलल. लेख हिन्दी में रहे आ एगो हिन्दी कर्मी के संघर्ष गाथा रहल. कइसे एगो आदमी बालश्रमिक से अपना जिनिगी के शुरुआत कर के कवनो भाषा के शब्दाचार्य तक बन गइल. बीच में अनगिनत पड़ाव, अनगिनत बाधा बाकिर सफर रुकल...

Read More

कब जगबS जा ? जब सब कुछ तहस-नहस हो जाई तब का ?

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” आजु रमेसर काका के रिसि सातवाँ आसमान पर बा. सबेरहीं से उ झल्ला रहल बाने, चिल्ला रहल बाने. पूरा गाँव रमेसर काका के बड़ी इज्जत करेला. सबकी दिल में उनकरी प्रति सनमान बा. पर गाँव के लोग इ नइखे...

Read More

सिविल सोसायटी के हर्गिज तरजीह मत देव सरकार

– पाण्डेय हरिराम केजरीवाल-भूषण एंड कम्पनी एने एगो नया शिगूफा छोड़ले बा लोग. ओह लोग के कोशिश बा कि संसद-विधानसभावन के आम लोग का नजर में बेकार साबित कर दिहल जाव आ अपना आप के सबले बड़ बना लिहल जाव जेहसे कि सरकार के हस्तिये खतम...

Read More

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..