बतकुच्चन – ५
“करे केहू भरे केहू”. पुरान कहावत हऽ अब एकर टटका उदाहरण सामने आइल बा. घोटाला करे वालन के त पता ना का होई बाकिर आम आदमी के मोबाइल पर बतियावल जरुरे महँग होखे जा रहल बा. “खेत खइलसि गदहा, मार खइलसि जोलहा” वाला...
Read Moreपिछला दिने एगो मार्केटिंग रिसर्च कंपनी आर॰एन॰बी॰ रिसर्च देश के करीब करीब हर राज्य से पौने आठ हजार लोग से कुछ सवाल पूछलसि जवना से कि अनुमान लगावल जा सके कि आम जनता रेलवे से का खोजेले आ ओकरा का चाहीं. हमनी के आम बजट के जवना...
Read Moreबक्सर में छह फरवरी के आयोजित भोजपुरी कवि सम्मेलन के संबोधित करत बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष डा॰ रविकांत दूबे कहलें कि भोजपुरी के प्रतिष्ठा दिआवे खातिर ऊ सब कुछ करे के तइयार बाड़न आ एहमें सभकर सहयोग के आह्वान ऊ अपना कविता के...
Read Moreभोजपुरी के जानल मानल लोक गायिका सीमा तिवारी के भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद् का ओर से विदेश का धरती पर एक बेर फेरु भोजपुरी संस्कृति के खुशबू बिखेरे के नेवता मिलल बा. एही सिलसिला में सीमा तिवारी से भइल बातचीत के कुछ खास हिस्सा...
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