श्रेणी: सरोकार

भोजपुरी प्रकाशकन के मजबूरी

अँजोरिया के एगो साहित्यकार आ सम्मानित पाठक दिवाकर मणि जी के एगो टिप्पणी मिलल बा हमरा खातिर “भोजपुरी सिनेमा” के मतलब होला “टोटल बकवास”। हिन्दी सिनेमा के डी ग्रेड वर्जन भी कहल जा सकेला भोजपुरी सिनेमा के ।...

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टटका खबर, बुध, २३ जून

नीतीश के शर्त भाजपा नामंजूर कइलसि कहलसि कि गठबन्हन कवन एक दल का शर्त पर ना चल सके. भाजपा के चुनाव प्रचार में नरेन्द्र मोदी भा वरूण गाँधी भा दुनु के बोलावल भा ना बोलावल भाजपा तय करी. दोसरा तरफ नीतीश एह शर्त पर अड़ल बाड़न आ अब...

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भोजपुरी का प्रति हमनियो के कुछ फर्ज बनेला, चलीं ओकरा के निभावे

– आशुतोष कुमार सिंह देश दुनिया में भोजपुरी भासा बहुते तेजी से आपन पांव पसार रहल बिया. भोजपुरी अब खाली बिहार के भासा नइखे रह गइल बलुक ई अब एगो अंतर्राष्ट्रीय भासा के रूप में आपन पहचान बना रहल बिया. एकरा के बोले वाला भारत के...

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टटका खबर, मंगल, २२ जून

दूध फाट चुकल बा, बस अँउटइला के देरी बा हर व्यावहारिक कारण से बिहार में भाजपा आ जदयू गठबन्हन में गाँठ पड़ चुकल बा आ दुनु पार्टियन के अलग अलग राह धइल पक्का बा. नीतीश बिहार में नरेन्द्र मोदी आ वरुण गाँधी के आवल नइखे दिहल चाहत आ...

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भारत रत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद (राजेंदर बाबू)

सदियन से भोजपुरिया माटी के एगो अलग पहिचान रहल बा. ई माटी खाली भोजपुरिए समाज के ना बलुक माई भारती के अइसन-अइसन लाल देहलसि जे लोग भारतीय समाज के हर एक क्षेत्र में एगो नया दिशा अउर ऊँचाई देहल अउर विश्व स्तर पर माई भारती के परचम...

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