सभ्य समाज के समर्पण के भाषा ह भोजपुरी
– ओमप्रकाश अमृतांशु जेकर आत्मा संगीत के रस के सराबोर होखेला उ मनुष्य भगवान के अतिप्रिय होखेला. एही से संगीत में शुद्वता आ शास्त्रीयता के महत्व होखेला. स्वर के उपासना, रियाज, से नाद ब्रह्म के आराधना क के अंतर्मन में गहराई...
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