Category: भाषा

भोजपुरी गीत के भाव भंगिमा

– डा॰अशोक द्विवेदी कविता का बारे में साहित्य शास्त्र के आचार्य लोगन के कहनाम बा कि कविता शब्द-अर्थ के आपुसी तनाव, संगति आ सुघराई से भरल अभिव्यक्ति ह. कवि अपना संवेदना आ अनुभव के अपना कल्पना शक्ति से भाषा का जरिए कविता के...

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हम एगेन गॉट दि लेटेस्ट अंक आफ भोजपुरी पंचायत

आ बिना हेजिटेशन आई कैन सिंसियरली से कि इस टाइप के प्रयास वेयर नीडेड फ्राम लांग लांग टाइम. अनफार्चुनेटली दि भोजपुरिया पीपुल अंडरस्टैंडे नहीं करते कि डेवलपमेंट आफ भोजपुरी उनके बियांड अप्रोच है. भोजपुरी का डेवलपमेंट चाहिएं त उसपर...

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बतकुच्चन ‍ – ८३

केकर केकर लीहीं नाम, कमरी ओढ़ले सगरी गाँव. अब रउरा कहब कि हम का हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत उठा दिहनी. परब तेहवार का समय में ई करिखा आ कजरी वाला मुद्दा उठा के मूड बिगाड़त बानी. जी हमहु जानत बानी कि आजु काल्हु भईंसासुर मर्दिनी...

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बतकुच्चन ‍ – ८२

“छोड़ु छोड़ु मखिया रे आजु के रतिया / हिया भरि देखुँ दमाद अलबेलवा रे.” बाकिर सासू करसु त का? “सासु के अँखिया लगल मधुमखिया रे/ देखहू ना पवली दमाद अलबेलवा रे.” आ दमाद के खासियत अइसन कि ना देखवले बने, ना...

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बतकुच्चन ‍ – ८१

जवना दुखे अलगा भइनी तवने मिलल बखरा. कुछ लोग एह कहाउत के दोसरो तरह कहेला कि सास दुखे अलगा भइनी ननद मिलली बखरा. बात एके ह. कवनो जरूरी नइखे कि अलगा भइला का बाद बखेड़ा खतम हो जाउ, एक दोसरा के बखोरल खतम कर देव लोग. अब अन्ना से अरविंद...

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🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

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