श्रेणी: भाषा

बतकुच्चन ‍ – ८९

बबुनी ससुरा ना जाली मने मने गाजेली. भोजपुरी के ई कहाउत आजु कुछ राजनीतिक गोलो पर सही बइठत लागत बा. देश के बड़का पंचायत में दू गो गोल विदेशी किराना बाजार के विरोध कइला का बावजूद ओकरा के आवे से रोके के मौका पर भाग परइले. बहाना बना...

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बतकुच्चन ‍ – ८८

जब कवनो नेता के अपना पार्टी में रहत असकस लागे लागेला त ऊ अइसन अइसन बयानबाजी शुरू कर देला जवना से पार्टी नेतृत्व के अनकस होखे लागे आ ऊ आपन अहजह आ असकत छोड़त ओह नेता के पार्टी से निकाले के फैसला कर लेव आ ओकरा के उभचुभ से बचा लेव....

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भोजपुरी का राह के कील काँटा हटावल गइल

12 दिसम्बर 2012 का दिने केन्द्रीय गृह मंत्रालय के बोलहटा पर दिल्ली आइल बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष प्रो रविकांत दुबे भारत के गृह सचिव आर के सिंह संगे लमहर बातचीत कइलन. एह बातचीत में प्रो॰ दुबे लगभग डेढ़ सौ पन्ना के दस्तावेजो...

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बतकुच्चन ‍ – ८७

हादसा के दोस नइखे, हदस से मर गइल लोग. आजु जब बतकुच्चन करे बइठनी त पिछला हफ्ता छठ के दिन पटना में भइल हादसा याद पड़ गइल. ओह हादसा का बाद बयान देत मुख्यमंत्री के कहना रहल कि मौत हादसा का चलते ना भइल. लोग हदस में भाग चलल आ ओह भगदड़...

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केकरा फुरसत बा भोजपुरी में भोजपुरी ला काम करे के?

बहुत पहिले एगो चुटकुला पढ़ले रहीं. गाँधी जी मर गए, नेहरू जी मर गए, मेरी भी तबियत खराब चल रही है. पता नहीं इस देश का क्या होगा? आजु काल्हु कुछ अइसने भाव मन में आवत रहत बा. आजु जब ई लिखत बानी त कार्तिक पूर्णिमा के नहान खातिर लोग के...

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