बतकुच्चन – ९३
पिछला पख बलात्कार का नामे रहल. जेनिए देखी तेनिए लोग बलात्कार का खिलाफ धरना प्रदर्शन में लागल रहुवे. सोचनी कि काहे ना हमहू एही पर कुछ बतकुच्चन कर ली. फेर पता ना कब मौका मिले ना मिले. आन समय में बलात्कार के चरचा फूहड़ मानल जा सकत...
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