फरिश्ता बचावे ला लड़बे करी
– जलज कुमार अनुपम फरिश्ता बचावे ला लड़बे करी. मान काठी जवानी के ढलबे करी. भितरी दिल बाटे,...
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Read More– लव कान्त सिंह “लव” फाटल रहे गुदरा-गुदरी एक्के बेर में सी गइल मार मुस –...
Read More– लव कान्त सिंह “लव” कुछो अब सोहाते नइखे, का लिखीं बुझाते नइखे। नेता कोई गद्दार...
Read More– अशोक द्विवेदी कोइला में हीरा हेराइल कुफुत में जिनिगिया ओराइल बलमु तोहें कुछ ना बुझाइल !!...
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