‘भोजपुरी संगम’ के 77वीं ‘बइठकी’
बीतल 10 जुलाई 2016, अतवार का दिने गोरखपुर के भोजपुरी लिखनिहारन के संस्था ‘भोजपुरी संगम’ के 77वीं ‘बइठकी’ संस्था के संस्थापक रहल स्व. सत्तन जी के मकान पर, खरइया पोखरा, बसारतपुर (मेडिकल रोड पर), गोरखपुर में...
Read Moreबीतल 10 जुलाई 2016, अतवार का दिने गोरखपुर के भोजपुरी लिखनिहारन के संस्था ‘भोजपुरी संगम’ के 77वीं ‘बइठकी’ संस्था के संस्थापक रहल स्व. सत्तन जी के मकान पर, खरइया पोखरा, बसारतपुर (मेडिकल रोड पर), गोरखपुर में...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 24, 2015 | भोजपुरिया लाल, सरोकार |
– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना दोस्तन के कुछ करे के मौका दिहलन ना घरवालन के. दिल के दर्द के गैस समुझत रह...
Read Moreअंगरेजन का समय में त भोजपुरी के सम्मान मिलत लउकल बाकिर आजादी के बाद से एकर दसा ढंङ से गड़बड़ाइल ह. गोरखपुर में भोजपुरी संगम के इकतिसवीं बइठकी के अध्यक्षता करत ई बाति डा॰ आद्या प्रसाद द्विवेदी जी कहलीं. उहाँ के एगो उदाहरन देत...
Read Moreगोरखपुर के भोजपुरी साहित्यकारन के संस्था “भोजपुरी संगम” के बइठकी हर महीना करावल जाले. २८वीं बइठकी पिछला १० जून के साहित्यकार सत्यनारायण सत्तन का घरे भइल रहे जवना के अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी...
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