चिल्लर काका

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” जाड़ा के दिन रहे. सूरूज भगवान बरीआई से उगले के कोसिस करत रहने. कोसिस ए से की उगले की बादो एइसने लागे की अब उग रहल बाने. लगभग दिन के 10 बजि गइल रहे तब्बो घाम में कवनो ना गर्मी रहे ना तेजी....

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